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दशहरे पर शेयर बाजार बंद, बुधवार से फिर शुरू होगा कारोबार, सेंसेक्स 876 अंक गिरकर हुआ था बंद

दशहरे के अवसर पर मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में कारोबार बंद है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी और सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) सेगमेंट में ट्रेडिंग नहीं होगी। बाजार में नियमित कारोबार बुधवार, 21 अक्टूबर को फिर शुरू होगा।

वहीं, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) में सुबह के सत्र में कारोबार बंद रहेगा, जबकि शाम के सत्र में ट्रेडिंग दोबारा शुरू होगी। दोनों प्रमुख शेयर बाजारों ने वर्ष 2026 के अपने ट्रेडिंग हॉलिडे कैलेंडर में दशहरे को छुट्टी के रूप में शामिल किया है।

सोमवार को बाजार में रही भारी गिरावट

दशहरे की छुट्टी से पहले सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। निजी बैंकों के शेयरों में कमजोरी, कंपनियों के उम्मीद से कमजोर तिमाही नतीजों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।

बीएसई सेंसेक्स 876.37 अंक यानी 1.17 प्रतिशत गिरकर 73,852.90 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 257.20 अंकों यानी 1.11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,888.95 पर बंद हुआ।

आईटी और एफएमसीजी शेयरों में भी गिरावट

सोमवार को ज्यादातर सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली। हालांकि, निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 2.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ सकारात्मक दायरे में बंद होने वाला प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स रहा। इसके विपरीत, निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.56 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स में 1.40 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

पीएल कैपिटल के एडवाइजरी एंड डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट के मुताबिक, निजी बैंकों के शेयरों में कमजोरी, उम्मीद से निराशाजनक नतीजों और वैश्विक बाजारों में सतर्क रुख के कारण निवेशकों ने मुनाफावसूली की। उन्होंने कहा कि कंपनियों के तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों और रुपये की स्थिरता पर निवेशकों की नजर रहने से बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी नजर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी निवेशकों के लिए अहम बनी हुई हैं। रिपोर्ट दाखिल किए जाने के समय ब्रेंट क्रूड 109.66 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जिसमें 0.10 प्रतिशत की बढ़त थी।

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से भारत में आयात महंगा होने और कंपनियों की लागत बढ़ने की चिंता बनी रहती है। ऐसे में बुधवार को बाजार खुलने पर निवेशकों की नजर कंपनियों के नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों के संकेतों पर रहेगी।