प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार 7 अगस्त को अपने आवास पर पहली बार चुने गए और नए एनडीए (NDA) लोकसभा सांसदों के साथ नाश्ते पर मुलाकात करेंगे। यह बैठक सुबह करीब 9 बजे होगी, जिसमें लगभग 45 सांसद शामिल होंगे। इस बैठक में हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC), एनसीपीआई (NCPI), उद्धव बालासाहेब ठाकरे (UBT) गुट और शिवसेना समेत विभिन्न दलों से एनडीए में शामिल हुए सांसद भी मौजूद रहेंगे। एनसीपीआई नेता यूसुफ पठान ने बैठक में शामिल होने की पुष्टि करते हुए कहा, "हां, मैं जाऊंगा। जो देश के हित में होगा, वही करेंगे और मैं माननीय प्रधानमंत्री से मुलाकात करूंगा।"
इससे पहले 5 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आवास पर नवनिर्वाचित 37 भाजपा राज्यसभा सांसदों और हाल ही में अन्य दलों से भाजपा में शामिल हुए सांसदों के साथ नाश्ते पर मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने सांसदों का मार्गदर्शन किया और उनके सवालों के जवाब भी दिए। प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि वे "दिल्ली के जाल" में न फंसें और केवल लुटियंस दिल्ली तक खुद को सीमित न रखें। उन्होंने सांसदों को सलाह दी कि वे इस बात का ध्यान रखें कि वे किन लोगों से मिलते हैं और किसके साथ बैठते हैं। साथ ही उन्होंने सांसदों से अपने लेटरहेड का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने और सार्वजनिक जीवन में गरिमापूर्ण आचरण बनाए रखने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक के कई फायदे हैं, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं। इसलिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल संयम और गरिमा के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने सांसदों से कहा कि संसद के भीतर का तनाव बाहर लेकर न जाएं और किसी भी मुद्दे पर गुस्से में बयान देने या टीवी पर अनुचित भाषा का इस्तेमाल करने से बचें।
प्रधानमंत्री ने सांसदों को फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (X) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं से जुड़ने, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सांसदों से यह भी कहा कि वे सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के सांसदों से अच्छे संबंध रखें और संसद में अपने सहयोगियों को जानें।
बैठक के दौरान जब एक सांसद ने प्रधानमंत्री से पूछा कि वे एक साथ इतने काम कैसे संभालते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, "मैं वर्तमान में जीता हूं। अभी मैं आप सभी से बात कर रहा हूं, इसलिए मेरा पूरा ध्यान यहीं है। इस समय मैं किसी और बात के बारे में नहीं सोच रहा।" उन्होंने सांसदों को भी वर्तमान में रहकर देश के बेहतर भविष्य के लिए काम करने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने बताया कि वे रोज केवल साढ़े तीन घंटे सोते हैं, लेकिन नियमित योग करते हैं, जिससे उन्हें पूरे दिन काम करने की ऊर्जा मिलती है। उन्होंने सभी सांसदों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और प्रतिदिन योग करने का आग्रह किया।
भाजपा सांसद अशोक मित्तल ने कहा कि प्रधानमंत्री से मुलाकात बेहद प्रेरणादायक रही। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने युवाओं से जुड़ने का तरीका पूछा, तो प्रधानमंत्री ने सलाह दी कि "युवाओं की बात ध्यान से सुनिए, उन्हें समझिए और उनसे विनम्रता से बात कीजिए।" वहीं राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने संसद को "देश की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी" बताया और सांसदों से रोजाना कम से कम एक से दो घंटे संसद पुस्तकालय में अध्ययन करने की सलाह दी।
भाजपा सांसद सुष्मिता देव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों को हमेशा गरिमापूर्ण व्यवहार बनाए रखने और एक-दूसरे से सीखने का संदेश दिया, जबकि भाजपा नेता तरुण चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए राजनीति से ऊपर उठकर मर्यादित आचरण की सीख दी।