Breaking News

'सीटों से ज्यादा गठबंधन जरूरी', सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बड़ा बयान     |   उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी की स्क्रीनिंग परीक्षा जारी     |   इंडोनेशिया में सुबह-सुबह भूकंप के झटके, 5.2 रही तीव्रता; 10 किमी गहराई में था केंद्र     |   आज से शुरू होगा विश्व अंतरिक्ष सप्ताह, 10 अक्टूबर तक होंगे स्पेस से जुड़े कार्यक्रम     |   मुंबई में उद्धव-राज ठाकरे के संयुक्त मार्च में कांग्रेस और NCP (SP) भी शामिल होगी     |  

शिमला में आवारा कुत्तों का बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान, 10 दिन में 4 हजार से ज्यादा कुत्तों को लगेगा टीका

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आवारा कुत्तों में रेबीज के संक्रमण को रोकने के लिए बड़े स्तर पर एंटी-रेबीज टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। शिमला नगर निगम ने पशु कल्याण संगठनों, पशु चिकित्सा छात्रों, विशेषज्ञों और स्वयंसेवकों के साथ मिलकर यह अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत अगले 10 दिनों में 4 हजार से ज्यादा आवारा कुत्तों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

यह अभियान 3 अक्टूबर से शुरू होकर 12-13 अक्टूबर तक चलेगा। शिमला के सभी 34 वार्डों में कुत्तों का टीकाकरण किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा कुत्तों को टीका लगाकर रेबीज के संक्रमण की चेन को तोड़ना है।

9 टीमों के जरिए हो रहा टीकाकरण

अभियान में शिमला के अलावा राजस्थान और पंजाब से आए स्वयंसेवक भी शामिल हैं। इसके लिए करीब 9 टीमें बनाई गई हैं। इनमें तीन टीमें जाल की मदद से कुत्तों को पकड़ रही हैं, जबकि बाकी टीमें हाथ से कुत्तों को पकड़कर टीकाकरण कर रही हैं।

स्वयंसेवकों ने बताया कि कुत्तों को पकड़ते समय काटने का खतरा रहता है। अभियान में शामिल होने से पहले टीम के सदस्यों ने एहतियात के तौर पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाई है। जयपुर से आए स्वयंसेवक विशाल ने बताया कि उनकी करीब 40 लोगों की टीम पिछले दो वर्षों से इस तरह के अभियानों में काम कर रही है।

पिछले साल 3,700 कुत्तों का हुआ था टीकाकरण

ह्यूमन पीपल संस्था के महासचिव और पशु कल्याण कार्यकर्ता सुब्रतो ने बताया कि पिछले साल संस्था ने करीब 3,700 कुत्तों का टीकाकरण किया था। संस्था ने कोटखाई, जुब्बल, रोहड़ू और रामपुर जैसे क्षेत्रों में भी टीकाकरण और नसबंदी अभियान चलाए हैं।

संस्था शिमला नगर निगम के एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) कार्यक्रम में भी मदद कर रही है। पकड़े गए कुत्तों को नसबंदी के लिए नगर निगम की गाड़ियों के जरिए निर्धारित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।

70-80 फीसदी कुत्तों के टीकाकरण का लक्ष्य

ICAR-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), बरेली की चौथे वर्ष की BVSc छात्रा और IVSA इंडिया की उपाध्यक्ष अरात्रिका अग्रवाल ने कहा कि रेबीज के संक्रमण को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर टीकाकरण जरूरी है।

उन्होंने कहा कि कुत्तों की आबादी के 70-80 फीसदी हिस्से का टीकाकरण होने से रेबीज के संक्रमण की चेन को तोड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने लोगों से आवारा कुत्तों को परेशान नहीं करने और आक्रामक कुत्तों से दूरी बनाए रखने की अपील की।

अग्रवाल ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को कुत्ता काट ले तो घाव को तुरंत 10-15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से धोना चाहिए और इसके बाद अस्पताल जाकर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने घाव पर हल्दी, मिर्च या किसी अन्य घरेलू चीज को लगाने से बचने की सलाह दी।

पहाड़ी इलाकों में कुत्तों को पकड़ना चुनौतीपूर्ण

स्वयंसेवकों के मुताबिक शिमला के पहाड़ी इलाके में कुत्तों को पकड़ना मैदानी क्षेत्रों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण है। पहाड़ी इलाकों में कुत्ते तेजी से छलांग लगाकर भाग सकते हैं, जिससे उन्हें पकड़ने में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।

15 अक्टूबर के बाद बड़े स्तर पर होगी नसबंदी

शिमला नगर निगम के मेयर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि नगर निगम ने NGOs और स्वयंसेवकों से टीकाकरण अभियान में सहयोग मांगा था। स्वयंसेवक सामाजिक सेवा के तौर पर यह काम कर रहे हैं। टीकाकरण के साथ-साथ आवारा कुत्तों की संख्या का रिकॉर्ड भी तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि 15 अक्टूबर के बाद बड़े स्तर पर नसबंदी अभियान शुरू करने की योजना है। नसबंदी के बाद कुत्तों को 3-4 दिनों तक निगरानी और देखभाल में रखना पड़ता है, इसलिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती है।

नगर निगम उपयुक्त स्थानों पर डॉग शेल्टर बनाने की योजना पर भी काम कर रहा है। मौजूदा वाहन व्यवस्था पर करीब 50 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि विस्तार के लिए करीब 20 लाख रुपये की अतिरिक्त लागत का प्रस्ताव भी सामने आया है।

नगर निगम और पशुपालन विभाग मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। नगर निगम आक्रामक कुत्तों के प्रबंधन, नसबंदी और ऑपरेशन के बाद उनकी देखभाल के लिए पर्याप्त जगह जैसी समस्याओं को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के सामने भी रखने की तैयारी कर रहा है।

मेयर ने लोगों और डॉग लवर्स से अपील की कि वे आवारा कुत्तों को जिम्मेदारी से खाना खिलाएं और इस बात का ध्यान रखें कि रात के समय इससे स्थानीय लोगों को परेशानी न हो। नगर निगम टीकाकरण, नसबंदी, डॉग शेल्टर और अन्य उपायों के जरिए रेबीज की रोकथाम और आवारा कुत्तों की आबादी के प्रबंधन पर काम जारी रखेगा।