दिल्ली में आज (5 जनवरी) से विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है। चार दिनों (5 से 8 जनवरी) तक चलने वाले इस सत्र को लेकर सियासी पारा हाई है। एक तरफ जहां दिल्ली सरकार कैग रिपोर्ट के मामले को लेकर पिछली केजरीवाल सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है तो वहीं विपक्ष दिल्ली की रेखा सरकार को पर्यावरण और पानी के मुद्दे पर घेरने की तैयारी कर रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ने एक दिन पहले कहा कि हमारा मकसद है कि दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र का अच्छे तरीके से संचालन हो। सत्र के दौरान चर्चा हो, सबकी भागीदारी हो और पारदर्शिता भी बनी रहे।
विधानसभा सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदन की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को सदन की गरिमा बनाए रखते हुए संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया। आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक दल के चीफ व्हिप संजीव झा के मुताबिक AAP के लिए शीतकालीन सत्र में प्रदूषण प्रमुख मुद्दा रहेगा। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी बीजेपी सरकार से सदन में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करेगी।
वायु प्रदूषण की समस्या के मूल कारणों पर चर्चा करने और पूर्व के उपायों का आकलन करने के अलावा, रेखा गुप्ता सरकार तीन कैग रिपोर्ट पेश करेगी.ये कैग रिपोर्ट अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री रहते पुनर्निर्मित बंगले पर, दिल्ली जल बोर्ड के कामकाज पर और आम आदमी पार्टी के शासनकाल के दौरान दिल्ली सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों पर होंगी. पिछले साल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बंगले को 'शीशमहल' नाम दिया था.
विधानसभा सचिवालय ने सत्र के संचालन के लिए सभी प्रशासनिक और लॉजिस्टिक तैयारियां पूरी कर ली है। विधानसभा की तरफ से जारी लिस्ट में आज (5 जनवरी) केवल एलजी का अभिभाषण होना है। कल (6 जनवरी) से सत्र सुचारू रूप से चलेगा, जहां पर अलग-अलग दिन की कार्यसूची तैयार की गई है। विपक्ष दिल्ली की समस्या खासकर पानी और प्रदूषण के मुद्दे पर दिल्ली सरकार पर हमलावर हो सकता है। दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान कैग रिपोर्ट के जरिए दिल्ली सरकार पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास, मोहल्ला क्लिनिक के साथ-साथ कथित फांसी घर के स्ट्रक्चर पर चर्चा करा सकती है।