मध्य प्रदेश के सागर जिले में अवैध शराब पीने से 13 लोगों की मौत का मामला सामने आया है। कई अन्य लोगों का अस्पताल में इलाज और मेडिकल निगरानी की जा रही है। घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच में घटना के कारणों, घटनाक्रम, इसके लिए जिम्मेदार लोगों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जाने वाले जरूरी कदमों की जांच की जाएगी।
घटना में अब तक 13 लोगों की मौत हुई है और सभी मृतकों का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। वहीं, 4 से 5 लोगों को फिलहाल क्रिटिकल केयर में निगरानी में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें विभिन्न गांवों में लगातार लोगों की जांच कर रही हैं। जिन लोगों में किसी तरह के लक्षण पाए गए हैं, उन्हें जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में निगरानी में रखा गया है। कई लोगों को मेडिकल जांच के बाद सोमवार को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई। बाकी लोगों को निगरानी की अवधि पूरी होने के बाद डिस्चार्ज किया जाएगा।
इस बीच कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने इस घटना को लेकर आबकारी विभाग, पुलिस विभाग और बीजेपी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग की। दिग्विजय सिंह ने कहा कि जिस दुकान से कथित तौर पर शराब आई थी, उसके संचालक के साथ उन अधिकारियों के खिलाफ भी हत्या के मामले में कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने कथित तौर पर इसे होने दिया।
वहीं, कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने भी अवैध शराब से हुई मौतों को लेकर मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सरकार पर हिंदू मुद्दों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार लोगों के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने में नाकाम रही है। फिलहाल प्रशासन की मजिस्ट्रियल जांच के जरिए घटना के कारणों और जिम्मेदार लोगों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।