आयकर विभाग ने टीएमसी विधायक देबाशीष कुमार की संपत्ति घोषणाओं में बड़ी गड़बड़ियां सामने आने का दावा किया है। 17 अप्रैल को की गई छापेमारी और तलाशी अभियान के दौरान कई महंगी संपत्तियां और नकदी बरामद हुई हैं। छापों के दौरान करीब 1.75 करोड़ रुपये की हीरे की ज्वेलरी, सोना और बुलियन जब्त किया गया। इसके अलावा, एक व्यावसायिक इकाई से 6 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए, जिसमें विधायक साझेदार बताए जा रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि बरामद संपत्तियों और चुनावी हलफनामे में घोषित संपत्तियों के बीच बड़ा अंतर है। खासकर हीरे के आभूषण और बुलियन का जिक्र हलफनामे में नहीं था। साथ ही, घोषित सोने की मात्रा और वास्तविक बरामदगी में भी काफी अंतर पाया गया है। जांच का दायरा विधायक के परिवार तक भी बढ़ाया गया है। उनकी पत्नी की आयकर रिटर्न में दर्शाई गई आय, पहले घोषित देनदारियों में आई कमी को सही ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं लगती। इसके अलावा, पिछले चुनाव के बाद से उनकी कुल संपत्ति में हुई तेज बढ़ोतरी को लेकर भी विभाग ने स्पष्टीकरण मांगा है।
जांच में विधायक के सहयोगी मिराज डी शाह का नाम भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि शाह ने पहले हाई कोर्ट में जब्त सामान की जांच रोकने की कोशिश की थी, लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अधिकारियों ने सोने के बुलियन की जांच की। जांच में 8.08 किलोग्राम सोना विदेशी निशानों के साथ पाया गया है। इस मामले की जानकारी राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) को भी दी गई है, ताकि कस्टम कानून के संभावित उल्लंघन की जांच की जा सके।
आयकर विभाग ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी सौंप दी है। साथ ही, जब्त संपत्तियों के स्रोत और स्वामित्व को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं। फिलहाल विधायक की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विभाग इस मामले में पुराने टैक्स आकलनों की समीक्षा कर रहा है और पूरे वित्तीय नेटवर्क की जांच जारी है। देबाशीष कुमार आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में रशबेहारी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। राज्य में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को, दूसरे चरण का 29 अप्रैल को और मतगणना 4 मई को होगी।