योगी सरकार ने अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पिछले 9 साल में 17 हजार से ज्यादा एनकाउंटर किए हैं। योगी सरकार की तरफ से पिछले 9 साल के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर लिए गए एक्शन का लेखा-जोखा सामने रखा गया है, जिसके मुताबिक पिछले 9 वर्षों में अपराध और अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन लेते हुए 289 दुर्दांत अपरधियों को एनकाउंटर में ढेर किया गया है।
आंकड़ों की बात करें तो यूपी पुलिस ने पिछले 9 साल में कुल 17,043 एनकाउंटर किए हैं, जिनमें 34,253 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान 11,834 आरोपियों के पैर में गोली मारकर हाफ एनकाउंटर किया गया है। अपराधियों से लोहा लेते हुए यूपी पुलिस के 18 जवान शहीद भी हुए हैं और 1852 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
ये है 9 सालों का योगी सरकार का रिपोर्ट कार्ड-
- कुल एनकाउंटर- 17,043
- प्रतिदिन एनकाउंटर- 5
- हाफ एनकाउंटर- 11,834
- एनकाउंटर में मारे गए आरोपियों की संख्या- 289
- एनकाउंटर में अरेस्ट- 34,253
- पुलिस को नुकसान- 18
- पुलिसकर्मी घायल- 1852
योगी शासन के तहत प्रतिदिन औसतन 5 एनकाउंटर होने के UP सरकार के दावे पर राज्य कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा, "योगी आदित्यनाथ की इच्छाशक्ति और पीएम मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश पूरी तरह से संगठित अपराध मुक्त है। जिस हिसाब से उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को नियंत्रित किया गया, वो एक मुश्किल कार्य था, फिर भी योगी आदित्यनाथ ने इसे नियंत्रित किया।"
एनकाउंटर के मामले में मेरठ जोन पूरे उत्तर प्रदेश में अव्वल स्थान पर है। सबसे ज्यादा मुठभेड़ मेरठ जोन में ही दर्ज की गईं, जहां पुलिस ने 4 हजार 813 कार्रवाई की गईं। इन कार्रवाई में 8 हजार 921 आरोपी पकड़े गए जबकि 3 हजार 513 आरोपी घायल हुए। वहीं इन एनकाउंटर में 97 कुख्यात अपराधियों को मौके पर ही ढेर कर दिया गया। मेरठ जोन में हुई मुठभेड़ों के दौरान 477 पुलिसकर्मी घायल हुए जबकि दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए।
पूरे प्रदेश में वाराणसी जोन एनकाउंटर कार्रवाई में दूसरे स्थान पर है। वाराणसी जोन में 1,292 मुठभेड़ हुईं, जिनमें 2,426 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया जबकि 29 अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर किया गया। इस दौरान 907 अपराधी और 104 पुलिसकर्मी घायल हुए। एनकाउंटर कार्रवाई में पूरे प्रदेश में आगरा जोन तीसरे स्थान पर है। यहां 2,494 एनकाउंटर की कार्रवाई की गईं, जिनमें 5,845 अपराधियों को दबोचा गया। इस दौरान 968 अपराधी घायल हुए जबकि 24 अपराध मार गिराए गए। मुठभेड़ के दौरान 62 पुलिसकर्मी घायल हुए।
एनकाउंटर आंकड़ों पर नजर डालें तो बरेली जोन में 2,222 मुठभेड़ के दौरान 21 दुर्दांत अपराधियों को मारा गया, वहीं लखनऊ जोन में 971 मुठभेड़ के दौरान 20 अपराधी मारे गए। गाजियाबाद कमिश्नरी में 789 एनकाउंटर्स में 18 अपराधी मारे गए। सभी कमिश्नरेट में यह सबसे अधिक है। कानपुर जोन में 791 एनकाउंटर्स में 12, लखनऊ कमिश्नरी में 147 एनकाउंटर्स में 12 और प्रयागराज जोन में 643 एनकाउंटर्स में 11 अपराधियों को मारा गया।आगरा कमिश्नरी में 489 एनकाउंटर्स में 10, गौतमबुद्ध नगर में 1,144 एनकाउंटर्स में 9, गोरखपुर जोन में 699 एनकाउंटर्स में 8, वाराणसी कमिश्नरी में 146 एनकाउंटर्स में 8, प्रयागराज कमिश्नरी में 150 एनकाउंटर्स में 6 और कानपुर कमिश्नरी में 253 एनकाउंटर्स में 4 अपराधियों को ढेर किया गया।