जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में गुरुवार शाम से चल रही तेज आंधी और हवाओं ने शुक्रवार को भारी नुकसान पहुंचाया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। तेज हवाओं के कारण जखानी स्थित पीर बाबा दरगाह के पास मौजूद करीब सौ साल पुराना पीपल का पेड़ जड़ से उखड़ गया। पेड़ गिरने से वहां खड़े कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचा, जिसमें एक मोटरसाइकिल को गंभीर क्षति पहुंची। इसके अलावा पीर बाबा से जुड़ा एक छोटा धार्मिक ढांचा भी क्षतिग्रस्त हो गया।
वहीं, हॉस्पिटल रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम की छत पर लगा मोबाइल टावर भी तेज हवाओं के कारण गिर गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि टावर किसी व्यक्ति पर गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय निवासी संजय शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार इतनी तेज आंधी देखी है। उन्होंने कहा कि यह पेड़ बेहद पुराना था और इलाके के लोगों के लिए एक पहचान जैसा बन चुका था।
यह तेज हवाएं ऐसे समय में चली हैं जब कुछ दिन पहले उधमपुर क्षेत्र भीषण गर्मी और जंगलों में लगी आग से जूझ रहा था। बुधवार को इलाके में पड़े भीषण लू के कारण रामनगर के रंग जंगल क्षेत्र सहित कई स्थानों पर वनाग्नि की घटनाएं सामने आई थीं। रामनगर के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) नरेश मजोत्रा ने बताया कि 22 मई से अब तक वन विभाग के रिकॉर्ड में जंगलों में आग लगने की कुल 21 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें छोटी और बड़ी दोनों प्रकार की घटनाएं शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि वन विभाग ने आग पर नियंत्रण के लिए विभिन्न क्षेत्रों में 11 कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं और पूरा स्टाफ लगातार फील्ड में तैनात है। हालांकि तेज हवाओं के कारण आग बुझाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। डीएफओ के अनुसार कई मामलों में आग पर काबू पाने के बाद भी हवा के चलते चिंगारियां दोबारा सूखी घास या चीड़ के पत्तों तक पहुंच जाती हैं, जिससे आग फिर भड़कने का खतरा बना रहता है। प्रशासन और वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने तथा जंगलों में आग लगने की किसी भी सूचना को तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की अपील की है।