बिहार की राजधानी पटना में बाढ़ का पानी कम होने लगा है, लेकिन मरीन ड्राइव के किनारे रहने वाले परिवार अब भी अपने घरों से दूर हैं, क्योंकि यह इलाका अब भी पानी में डूबा हुआ है। बाढ़ से प्रभावित लोगों का कहना है कि यह स्थिति लगभग तीन हफ्तों से बनी हुई है और वे तब से सड़क के किनारे बने अस्थायी आश्रयों में रह रहे हैं।
लोगों का कहना है कि सरकार से उनकी बस एक ही मांग है कि उन्हें बसने के लिए कोई सुरक्षित जगह दी जाए, ताकि उन्हें हर साल बार-बार आने वाली बाढ़ से परेशान न होना पड़े। गंगा का जलस्तर घटने के साथ ही, बाढ़ से प्रभावित परिवार जल्द ही अपने घरों को लौटेंगे। हालांकि वे हर मानसून सीजन में होने वाली परेशानियों का स्थायी समाधान चाहते हैं।