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विदेश मंत्री जयशंकर ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन 2026 में जी7 विदेश मंत्रियों से की मुलाकात

विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने शनिवार को म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान जर्मनी, कनाडा, फ्रांस और चेक गणराज्य के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। 13 से 15 फरवरी तक चल रहे म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा ले रहे जयशंकर ने सोशल मीडिया पर किए पोस्ट में बताया कि उन्होंने अपने जर्मन समकक्ष जोहान वाडेफुल के साथ "सार्थक" द्विपक्षीय बैठक की और दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने आगे कहा, "हमने क्षेत्रीय संवेदनशील मुद्दों पर भी चर्चा की।"

विदेश मंत्री ने चेक गणराज्य के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री पेट्र मैकिंका से भी मुलाकात की और आर्थिक और रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। उन्होंने कहा, "उम्मीद है कि जल्द ही उनका भारत में स्वागत करेंगे।" जयशंकर ने अपनी कनाडाई समकक्ष अनीता आनंद से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा, "भारत-कनाडा संबंध लगातार प्रगति कर रहे हैं।"

विदेश मंत्री ने अपने फ्रांसीसी समकक्ष जीन-नोएल बैरोट और क्रोएशियाई विदेश मंत्री गोर्डन ग्रिलिक-राडमैन से भी मुलाकात की। इससे पहले जयशंकर ने जी7 देशों के अपने समकक्षों से भी मुलाकात की और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार के लिए भारत के समर्थन को दोहराया।

ये बैठक भारत द्वारा जनवरी में 27 देशों के यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करने के बाद हुई है। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें जी7 देशों के विदेश मंत्रियों से बातचीत करके खुशी हुई और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सार्थक सुधार सहित यूएन@80 एजेंडा के लिए भारत के समर्थन को दोहराया।

जयशंकर ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन की शुरुआत गोलमेज सम्मेलन 'दिल्ली का फैसला: भारत की नीतिगत गणना' से की, जिसका आयोजन एक गैर-पक्षपातपूर्ण संगठन अनंत एस्पेन सेंटर ने किया था। विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने "बहुध्रुवीयता की मांगों को पूरा करने के लिए एक चुस्त और गतिशील विदेश नीति के महत्व" पर जोर दिया।