सनलाइट कॉलोनी थाना क्षेत्र में मणिपुर के 54 वर्षीय संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की मौत छाती और पेट पर लगी गंभीर चोटों के कारण हुई थी। बृहस्पतिवार को सामने आई एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। हमले के दौरान सिंह के शरीर में गंभीर चोटें आईं, जिससे अंदरूनी रक्तस्राव हुआ और उनकी जान चली गई।
पुलिस के अनुसार, रविवार रात सिंह ने अपने घर के सामने डिलीवरी बॉय और ढाबे के कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे शोर-शराबे और नशे का विरोध किया था। इसी बात को लेकर कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि सिंह के जमीन पर गिरने के बाद भी हमलावरों ने उनके सीने और पेट पर लात-घूंसे मारे।
एम्स के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता के मुताबिक, सिंह की मौत पेट और सीने पर हुए गंभीर हमले के कारण हुई। इससे शरीर के अंदर काफी खून बह गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिंह की बाईं तरफ पहली से 11वीं पसली और दाईं तरफ छठी से नौवीं पसली टूटी हुई मिली। टूटी पसलियों के आसपास खून जमा होने और ब्लीडिंग के निशान भी पाए गए। इसके अलावा उनकी तिल्ली (प्लीहा) भी फटी हुई थी, जिसके कारण भारी अंदरूनी रक्तस्राव हुआ।
पुलिस के मुताबिक, हमले के बाद सिंह को रात करीब 12:25 बजे होली फैमिली अस्पताल ले जाया गया और करीब 1:30 बजे उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआत में उन्होंने इलाज पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, लेकिन बाद में उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें गंभीर हैमरेज हुआ। सुबह करीब 6:32 बजे इलाज के दौरान सिंह की मौत हो गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि सिंह किलोकरी गांव में अपने घर के सामने होने वाले शोर-शराबे से परेशान थे। उन्होंने पहले भी पास के ढाबे के मालिक से वहां देर रात तक लोगों के जमा होने और शोर करने की शिकायत की थी। पुलिस के अनुसार, ढाबा करीब आधी रात तक खुला रहता था और आसपास के इलाकों के लोगों के साथ-साथ छात्रों का भी वहां आना-जाना था। रविवार रात सिंह ने जब शोर-शराबे और कथित तौर पर नशा करने का विरोध किया तो विवाद हो गया। इसके बाद आरोपितों ने उन पर हमला कर दिया।
पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि वे सिंह को सिर्फ 'सबक सिखाना' चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि मारपीट इतनी गंभीर होगी और उनकी मौत हो जाएगी। सिंह के बेटे की शिकायत पर सनलाइट कॉलोनी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले में नाबालिगों समेत सभी आरोपितों को पकड़ लिया है।
पुलिस अब मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है। इसमें नस्लीय एंगल की भी जांच की जा रही है। हालांकि, अभी तक जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि हमले के दौरान सिंह के खिलाफ नस्लीय गाली या टिप्पणी की गई थी। इसके अलावा पुलिस ढाबा मालिक की भूमिका और घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है।