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कैप्टन स्मित मच्छर को नेशनल ब्रेवरी अवॉर्ड देने की मांग, FIP ने PMO को लिखा पत्र

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के पायलट-इन-कमांड कैप्टन स्मित मच्छर को नेशनल ब्रेवरी अवॉर्ड देने पर विचार करने की मांग की है। संगठन ने इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र लिखा है। फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को उड़ान के दौरान कैप्टन स्मित मच्छर पर उनके ओमानी सह-पायलट ने कथित तौर पर हमला किया था। FIP के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने विमान पर नियंत्रण बनाए रखा और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंड कराया। विमान में 174 यात्री और 8 क्रू सदस्य सवार थे।

‘गंभीर चोट के बावजूद निभाई जिम्मेदारी’

FIP ने अपने पत्र में कहा कि बेहद खतरनाक स्थिति और गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन स्मित ने पायलट-इन-कमांड की जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने मुश्किल हालात में नियंत्रण और सूझबूझ बनाए रखी और विमान को सुरक्षित रूप से तबुक डायवर्ट किया।

संगठन ने कहा कि फ्लाइट डेक के अंदर पायलट पर हमला सामान्य विमानन आपात स्थितियों से अलग और बेहद गंभीर चुनौती थी। घायल होने और खतरे के बीच शांत रहकर महत्वपूर्ण फैसले लेना उनके साहस, धैर्य, परिस्थितियों की समझ, नेतृत्व और कर्तव्य के प्रति समर्पण को दिखाता है।

182 लोगों की जान बचाने का जिक्र

FIP ने कहा कि कॉकपिट में हुए हमले को रोकने और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कैप्टन स्मित की भूमिका से विमान में सवार 182 लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिली।

संगठन के मुताबिक, यात्रियों और क्रू के पास कॉकपिट में पैदा हुई स्थिति को नियंत्रित करने का कोई तरीका नहीं था। ऐसे समय में उनकी सुरक्षा फ्लाइट क्रू के विमान पर नियंत्रण बनाए रखने और आपात स्थिति से निपटने की क्षमता पर निर्भर थी। FIP ने कैप्टन स्मित के सुरक्षित डायवर्जन को ‘असाधारण पेशेवर साहस और जिम्मेदारी’ का उदाहरण बताया।

2022 तक FIP के सदस्य रहे हैं कैप्टन स्मित

फेडरेशन ने बताया कि कैप्टन स्मित वर्ष 2022 तक उसके सदस्य रहे हैं। हालांकि वह अब संगठन के सदस्य नहीं हैं, लेकिन FIP उन्हें प्रोफेशनल पायलट समुदाय का हिस्सा मानता है। संगठन ने PMO से अनुरोध किया है कि सरकारी नियमों के तहत और सक्षम अधिकारियों की ओर से तथ्यों के सत्यापन के बाद कैप्टन स्मित को राष्ट्रीय सम्मान देने पर विचार किया जाए। FIP ने संबंधित परिचालन और मेडिकल रिकॉर्ड की भी जांच करने की मांग की है।

PM मोदी भी कर चुके हैं कैप्टन की तारीफ

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छर के साहस, धैर्य और सूझबूझ की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि कैप्टन के कार्यों ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।

30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में यह घटना हुई थी। ओमानी सह-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन पर हमला किया, जिसके बाद विमान तेजी से नीचे आया और करीब दो मिनट में लगभग 16,000 फीट नीचे चला गया। इसके बाद हाईजैकिंग संबंधी डिस्ट्रेस सिग्नल भेजा गया।

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने हमलावर का सामना किया। फ्लाइट क्रू और यात्रियों की मदद से कॉकपिट में दोबारा नियंत्रण स्थापित किया गया और विमान की सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। घटना की जांच जारी है। फ्लाइट के सह-पायलट की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। गिरफ्तारी के बाद उसे यूएई ले जाया गया है और इजरायली जांच अधिकारी भी जांच में स्थानीय अधिकारियों की मदद कर रहे हैं।