Breaking News

देवास TI दिलीप पुरी को कुचलने वाले ट्रक ड्राइवर का हुआ शॉर्ट एनकाउंटर, पैर में लगी गोली     |   राहुल गांधी आज संगरूर से पंजाब में चुनावी कैंपेन का करेंगे आगाज     |   गुरुग्राम में 5 से 20 नवंबर तक निर्माण कार्यों पर रोक, बढ़ते प्रदूषण के बीच प्रशासन का आदेश     |   नितिन नवीन आज गोरखपुर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च की अगुवाई करेंगे     |   रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट, श्रीगंगानगर में ट्रेन को उड़ाने की साजिश नाकाम     |  

दीपोत्सव-2026 में दिखेगा लोक संस्कृति का महाकुंभ, मयूर से छऊ और घूमर से झिझिया तक बिखरेंगे रंग

अयोध्या में दीपोत्सव-2026 इस बार दीपों की रोशनी के साथ देशभर की लोक संस्कृति के रंगों से भी सजेगा। रामनगरी की सड़कों और सांस्कृतिक मंचों पर उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों के लोक कलाकार अपनी पारंपरिक नृत्य और संगीत विधाओं की प्रस्तुति देंगे। मथुरा के मयूर नृत्य से लेकर झारखंड के पुरुलिया छऊ और राजस्थान के घूमर तक, दर्शकों को देश की सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिलेगी।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आने वाले कलाकार दीपोत्सव की शोभा बढ़ाएंगे। इनमें मथुरा का मयूर और बम रसिया, प्रयागराज का ढेढ़िया, बांदा का पाई डंडा, सोनभद्र का मांदल-सिंघा और करमा नृत्य प्रमुख हैं। वहीं अयोध्या के कलाकार बधावा, फरुवाही, डमरू और शंख नृत्य प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा गाजीपुर का धोबिया, गोरखपुर का वनटांगिया, पीलीभीत का थारू, झांसी का राई, सुलतानपुर का नटवरी और बहराइच का डोमकच नृत्य भी देखने को मिलेगा।

कई राज्यों की लोक कलाओं का होगा संगम

दीपोत्सव में दूसरे राज्यों के कलाकार भी अपनी क्षेत्रीय लोक विधाओं से दर्शकों को परिचित कराएंगे। पश्चिम बंगाल के कलाकार श्री खोल, ओडिशा के कलाकार मास्क डांस, शाही जात्रा, रणप्पा चढैय्या और शंख वादन प्रस्तुत करेंगे। झारखंड का पुरुलिया छऊ, मध्य प्रदेश का गुदुम बाजा, कर्नाटक का ढोलु कुनीथा और गुजरात का तलवार रास भी आकर्षण का केंद्र होंगे।

राजस्थान का घूमर-चरी, बिहार की झिझिया, चेन्नई की कावड़ी, कड़गम और मयूर नृत्य के साथ आंध्र प्रदेश का बोनालू भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हिस्सा बनेगा। इन प्रस्तुतियों के जरिए दर्शकों को अलग-अलग राज्यों की वेशभूषा, संगीत और नृत्य परंपराओं को करीब से जानने का मौका मिलेगा।

शोभायात्रा में भी दिखेगी लोक संस्कृति की झलक

दीपोत्सव की शोभायात्रा में भी लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से उत्सव को खास बनाएंगे। इसमें प्रयागराज का ढेढ़िया, मथुरा का मयूर, बांदा का पाई डंडा, सोनभद्र का मांदल एवं सिंघा और अयोध्या का बधावा नृत्य शामिल होगा। इसके साथ ही आजमगढ़ के कलाकार धोबिया नृत्य और प्रयागराज के कलाकार कबीरी गायन प्रस्तुत करेंगे।

लोक कलाकारों को मिलेगा मंच, नई पीढ़ी जुड़ेगी परंपराओं से

दीपोत्सव में लोक कलाकारों को शामिल करने का उद्देश्य पारंपरिक कला रूपों को मंच देना और नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। मयूर, करमा, राई, धोबिया, थारू और छऊ जैसे लोकनृत्य अपने-अपने क्षेत्रों की पहचान हैं। इस तरह के आयोजनों से कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है और उनकी कला देशभर के लोगों तक पहुंचती है।

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि दीपोत्सव-2026 में दीपों की रोशनी के साथ लोकनृत्य, लोकसंगीत और पारंपरिक कलाओं की छटा भी रामनगरी को खास पहचान देगी। देश के विभिन्न राज्यों और उत्तर प्रदेश के जिलों से आने वाले कलाकार अयोध्या को सांस्कृतिक संगम का स्वरूप देंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता, परंपरा और एकता का संदेश दुनिया तक पहुंचेगा।