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असम में बाढ़ से मौतों का आंकड़ा 75 पहुंचा, CM हिमंत ने मृतकों के परिवारों को 9 लाख रुपये की राहत का ऐलान

असम में विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। मंगलवार को शिवसागर जिले में सात और लोगों की मौत की खबर सामने आई। आपदा रिपोर्टिंग और सूचना प्रबंधन प्रणाली (DRIMS) की 28 जुलाई तक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, शिवसागर में इन सभी सात लोगों की मौत डूबने से हुई। फिलहाल असम के शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, सोनितपुर और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) समेत सात जिले बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित हैं। बाढ़ से 21 राजस्व सर्किलों के 622 गांवों में रहने वाली 3,32,639 की आबादी प्रभावित हुई है।

बाढ़ का असर खेती पर भी व्यापक रूप से पड़ा है। राज्य में 45,341.98 हेक्टेयर फसल क्षेत्र पानी में डूबा हुआ है। वहीं, नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि, फिलहाल कोई भी नदी उच्चतम बाढ़ स्तर के निशान से ऊपर नहीं पहुंची है। बाढ़ में बढ़ती मौतों के बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने प्रभावित लोगों के लिए बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, "हम अपने लोगों की मदद करने और उन्हें अपना जीवन फिर से संवारने में सहायता देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।"

नई राहत व्यवस्था के तहत बाढ़ से हुई मौतों पर 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने के लिए पोस्टमार्टम की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इस तरह प्रत्येक परिवार को कुल 9 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। वहीं, 30 दिनों से अधिक समय से लापता लोगों के परिवार भी 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि के पात्र होंगे।

बाढ़ से विस्थापित लोगों को तत्काल राहत देने के लिए गंभीर रूप से प्रभावित एक लाख से अधिक परिवारों को जरूरी सामान खरीदने के लिए 15,000 रुपये नकद दिए जाएंगे। सरकार ने यह भी घोषणा की है कि 'ओरुनोदोई' योजना 1 अगस्त से फिर शुरू होगी। चराइदेव, जोरहाट, गोलाघाट और शिवसागर के लाभार्थियों को अगस्त महीने के लिए 2,500 रुपये की विशेष किस्त दी जाएगी।

राहत पैकेज में छात्रों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। 1 अगस्त से गंभीर रूप से प्रभावित जिलों के छात्रों को किताबों के लिए 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक की सहायता दी जाएगी। हायर सेकेंडरी के छात्रों को 1,000 रुपये, जबकि पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्रों को 5,000 रुपये की पुस्तक अनुदान राशि मिलेगी।

इसके अलावा, सरकार की ओर से छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें और स्कूल यूनिफॉर्म के लिए सहायता दी जाएगी। बाढ़ में खोई कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट और प्रमाणपत्र भी बिना किसी शुल्क के दोबारा जारी किए जाएंगे। DRIMS की रिपोर्ट के अनुसार, असम में बाढ़ से कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है और 45,341.98 हेक्टेयर फसल क्षेत्र जलमग्न है। नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे प्रभावित इलाकों में स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।