मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार शाम गोरखपुर में एचएन सिंह चौक से हड़हवा फाटक होते हुए जगेसर पासी चौराहे तक बन रही टूलेन/फोरलेन सड़क का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट बाजार के सामने और हड़हवा फाटक के आगे रुककर सड़क चौड़ीकरण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं मिलने पर उन्होंने लोक निर्माण विभाग, जल निगम और सेतु निगम के अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि आगामी त्योहारों से पहले सड़क को हर हाल में आवागमन योग्य बनाया जाए, ताकि लोगों को आवाजाही में परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने एचएन सिंह चौक-जगेसर पासी चौराहा सड़क चौड़ीकरण परियोजना की जानकारी ली। इस परियोजना पर 495.24 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रस्तुत लेआउट मॉडल देखा और सड़क की लंबाई, चौड़ाई तथा अब तक हुए निर्माण कार्य की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को परियोजना से जुड़े कार्यों की स्थिति के बारे में जानकारी दी। निर्माण की धीमी गति को लेकर सीएम योगी ने संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए।
सड़क निर्माण का काम लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है, जबकि सीवर लाइन बिछाने की जिम्मेदारी जल निगम की है। वहीं, हड़हवा फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण सेतु निगम द्वारा किया जा रहा है। काम की गति को लेकर मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग और जल निगम के अधिकारियों पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने तीनों विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्माण कार्य तेज करने के निर्देश दिए। सीएम योगी ने कहा कि कार्य में किसी भी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य के दौरान ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे लोगों के आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने निर्देश दिया कि आगामी त्योहारों से पहले सड़क को हर हाल में आवागमन योग्य बनाया जाए। सीएम योगी ने जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था के लिए हेड टू टेल सिस्टम अपनाने का भी निर्देश दिया। इसका उद्देश्य जलनिकासी की व्यवस्था को व्यवस्थित करना और सड़क निर्माण क्षेत्र में जलभराव की समस्या को रोकना है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को परियोजना के काम में तेजी लाने और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क, सीवर लाइन और ओवरब्रिज निर्माण के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि परियोजना के कारण आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।