बरेली के शेरगढ़ विकासखंड के बैरमनगर गांव में निर्माणाधीन ओवरहेड पानी की टंकी गिरने की घटना को लेकर जल निगम (ग्रामीण) की रिपोर्ट सामने आई है। टंकी गिरने की वजह निर्माण की गुणवत्ता में कमी नहीं, बल्कि किच्छा नदी का तेज कटान और अचानक बढ़ा जलप्रवाह रहा। टंकी का निर्माण शुरू होने के समय किच्छा नदी निर्माण स्थल से करीब 150 मीटर दूर थी और यह इलाका फ्लड जोन में भी नहीं आता था। निर्माण से पहले मिट्टी की जांच कराई गई थी और स्वीकृत ड्राइंग-डिजाइन के अनुसार तय मानकों पर काम किया जा रहा था।
पिछले सप्ताह भारी बारिश और संभवतः गौला बैराज से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलप्रवाह अचानक बढ़ गया। इससे नदी की धारा बदल गई और महज 3-4 दिनों में तेजी से कटान होने लगा। पानी टंकी परिसर के किनारे तक पहुंच गया। कटान रोकने के लिए सैंड बैग और पिचिंग की व्यवस्था की गई, लेकिन तेज और गहरे बहाव के कारण स्थायी सुरक्षा उपाय तुरंत करना संभव नहीं हो सका।
तेज कटान के कारण टंकी की करीब 3 मीटर गहरी नींव के आसपास की मिट्टी बह गई, जिससे नींव का सहारा कमजोर हो गया और टंकी एक तरफ झुक गई। इसके बाद 8 सितंबर को निर्माणाधीन टंकी अस्थिर होकर नदी में गिर गई। जल निगम की रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्माण सामग्री और गुणवत्ता में कोई कमी नहीं पाई गई। नदी की धारा और तटरेखा में अचानक आए बदलाव से हुआ तेज कटान ही टंकी गिरने की मुख्य वजह रही।