मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर यूपी' विजन के तहत युवाओं को नौकरी तलाशने वाले के बजाय रोजगार देने वाला उद्यमी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में 'यूपी राइज 2026' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एक हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और 20 से ज्यादा स्टार्टअप आइडिया पेश किए। इनमें से 15 आइडिया को शॉर्टलिस्ट किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि और कंटेंट क्रिएटर हिमेश मदान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना रहा।
युवाओं को सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने युवाओं को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, यूपी स्टार्टअप फंड, मुख्यमंत्री अभ्युदय निशुल्क कोचिंग योजना और यूपी स्किल मिशन जैसी योजनाओं की जानकारी दी। इसके साथ ही महिला सामर्थ्य योजना और फ्री टैबलेट योजना के जरिए मिलने वाली सहायता के बारे में भी बताया गया, ताकि युवा अपने बिजनेस आइडिया को आगे बढ़ा सकें।
20 से अधिक स्टार्टअप आइडिया हुए पेश

छात्रों ने हर्बल फार्मेसी, रोबोटिक्स सिमुलेशन, छात्र आवास, प्रीमियम मखाना ब्रांड, नोटों के लिए यूवी स्टेरिलाइजेशन, कृषि अपशिष्ट से जल उपचार, बायोचार, 3डी कास्टिंग स्मृति चिन्ह, एग्रो-टूरिज्म और डिजिटल सेवाओं जैसे कई आइडिया प्रस्तुत किए।
पर्यावरण के अनुकूल पोर्टेबल दाह संस्कार प्रणाली भी आकर्षण का केंद्र रही। आयोजकों के अनुसार, यह प्रणाली लकड़ी की खपत को 30 प्रतिशत तक कम कर सकती है।
ग्रीन ग्रो ऑर्गेनिक फार्मिंग को मिला पहला स्थान

प्रतियोगिता में प्रत्येक टीम को अपना आइडिया प्रस्तुत करने के लिए सात मिनट दिए गए। इसमें कुशीनगर की टीम 'ग्रीन ग्रो ऑर्गेनिक फार्मिंग' ने पहला स्थान हासिल किया और 25 हजार रुपये का पुरस्कार जीता। वहीं, 'पोर्टेबल क्रिमेशन सेंटर' को दूसरा स्थान मिला। रैक्सर और ग्रेवॉटर ट्रीटमेंट विद एग्रो वॉटर बायोचार जैसे आइडिया भी उल्लेखनीय रहे।
मेंटर्स ज्योति तिवारी और ईशा शाह ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। यह कार्यक्रम युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की पहल है। 'यूपी राइज' का आयोजन प्रदेश के 25 शहरों के 30 प्रमुख कॉलेजों में किया जाना है।