Breaking News

मुंबई में BEST बस से टकराया टैंकर, 4 यात्री घायल     |   यूपी के हरदोई में मिलावट के शक में 38 हजार लीटर दूध जब्त     |   यूपी पशुपालन भर्ती घोटाले में रिटायर्ड IAS योगेश कुमार गिरफ्तार, सपा सरकार में थे प्रमुख सचिव     |   जौहर ट्रस्ट से जुड़ी वित्तीय गड़बड़ियों में आजम खान के खिलाफ ED ने दर्ज की FIR     |   नई दिल्ली से पटना के बीच चलेगी वंदे मातरम ट्रेन, रेलवे ने जारी किया शेड्यूल     |  

योगी सरकार का बिजली व्यवस्था सुधारने पर जोर, गलत बिलिंग पर तय होगी जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बिजली वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने, राजस्व वसूली बढ़ाने और उपभोक्ताओं को सही बिजली बिल उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। इसके लिए बिजली विभाग में बिलिंग व्यवस्था, लाइन हानि और उपभोक्ता शिकायतों की नियमित निगरानी की जाएगी। यूपीपीसीएल के अध्यक्ष एवं प्रमुख सचिव ऊर्जा रणवीर प्रसाद ने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

13 अक्टूबर को हुई वितरण निगमों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में राजस्व वसूली, स्मार्ट मीटर लगाने, बिजली के ट्रांसफॉर्मरों की खराबी और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी वितरण निगमों के प्रबंध निदेशक और संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।

गलत बिजली बिलों की होगी रैंडम जांच

रणवीर प्रसाद ने उपभोक्ताओं को सही और समय पर बिजली बिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सभी बिजली वितरण निगमों (डिस्कॉम) के प्रबंध निदेशकों को हर सप्ताह 7 से 10 उपभोक्ताओं के बिलों की रैंडम जांच करनी होगी। गलत बिल मिलने पर उसे तत्काल ठीक कराया जाएगा और बिलिंग में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

इसके अलावा लंबित बिल संशोधन मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने और बिजली बिलों से जुड़ी शिकायतों का समय पर समाधान करने को कहा गया है। बिल संशोधन में किसी भी तरह की अनियमितता रोकने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

राजस्व वसूली बढ़ाने और लाइन हानि कम करने के निर्देश

वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजस्व वसूली और केवाईपी अभियान की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को संग्रह बढ़ाने के निर्देश दिए गए। पांच रुपये से कम थ्रू रेट वाले फीडरों की विशेष समीक्षा करने और सबसे ज्यादा लाइन हानि वाले 10 फीडरों पर प्राथमिकता से सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा गया।

सहारनपुर में 1.71 रुपये थ्रू रेट पर असंतोष जताते हुए सुधार के निर्देश दिए गए। वहीं, मुरादाबाद में कम राजस्व प्राप्ति को लेकर अधिकारियों को प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।

बकायेदारों पर होगी कार्रवाई

बिजली बिलों की बकाया वसूली के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बकायेदार उपभोक्ताओं के संबंध में ग्राम प्रधानों को पत्र भेजकर जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के गोला और नवाबगंज, गोंडा क्षेत्रों में बिलों की जांच के साथ 10 बड़े बकायेदारों की पहचान कर नियमानुसार नोटिस जारी करने और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।

ट्रांसफॉर्मरों की सुरक्षा पर भी जोर

बैठक में 100 केवीए से कम क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मरों पर फ्यूज सेट लगाने का काम तेज करने और उनकी खराबी कम करने के लिए तकनीकी उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही बिजनेस प्लान 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

अधिकारियों को एमबी, ईआरपी क्लोजर और अंतिम भुगतान से जुड़े लंबित मामलों का समय पर निस्तारण करने को भी कहा गया। रणवीर प्रसाद ने स्पष्ट किया कि सही बिलिंग, शिकायतों का समयबद्ध समाधान, राजस्व वसूली में वृद्धि और बिजली लाइन हानि में कमी सुनिश्चित करना वितरण निगमों की जिम्मेदारी है। इसके लिए नियमित निगरानी के साथ तय समयसीमा में परिणाम देने पर जोर दिया गया।