उत्तर प्रदेश में विकास, सुशासन और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने को लेकर रविवार को आजमगढ़ में ‘यूपी डायलॉग’ का आयोजन किया गया। सिविल लाइंस स्थित होटल गोल्डन फॉर्च्यून में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा, कानून-व्यवस्था, महिला सशक्तीकरण, स्थानीय उद्यमिता और आर्थिक विकास की संभावनाओं पर चर्चा हुई। ‘आजमगढ़ राइजिंग: हेरिटेज, एजुकेशन, सिक्योरिटी एंड इकोनॉमिक ग्रोथ’ विषय पर आयोजित संवाद में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया।
फ्रेंड्स ऑफ यूपी पहल के तहत फ्रेंड्स ऑफ योगी की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों और आजमगढ़ की स्थानीय क्षमताओं को नए अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया। कार्यक्रम में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार, सार्वजनिक नीति और नवाचार विशेषज्ञ डॉ. ओमकार राय तथा अध्ययन फाउंडेशन फॉर पॉलिसी एंड रिसर्च के सीईओ शशांक शेखर सिंह ने अपने विचार रखे।
शिक्षा और नवाचार से रोजगार सृजन पर जोर
महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। युवाओं में नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन की सोच विकसित करना भी जरूरी है।
उन्होंने विश्वविद्यालय के इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से युवाओं के नए विचारों को व्यावहारिक रूप देने, स्टार्टअप शुरू करने और कंपनियां विकसित करने में सहयोग देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कृषि, पशुपालन, पोल्ट्री, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए उपलब्ध संभावनाओं का भी उल्लेख किया।
स्टार्टअप और ओडीओपी से खुलेंगे नए अवसर
सार्वजनिक नीति, स्टार्टअप और नवाचार क्षेत्र के विशेषज्ञ डॉ. ओमकार राय ने कहा कि युवाओं को नौकरी तलाशने के साथ रोजगार देने वाले उद्यमी बनने की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार पर अपने विचार रखे।
उन्होंने ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना को स्थानीय उत्पादों की पहचान मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। इस योजना के जरिए उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और बाजार तक पहुंच बढ़ाने से कारीगरों और उद्यमियों को नए अवसर मिल सकते हैं। अध्ययन फाउंडेशन फॉर पॉलिसी एंड रिसर्च के सीईओ शशांक शेखर सिंह ने वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, औद्योगिक निवेश, स्वास्