Breaking News

तमिलनाडु चुनाव: कमल हासन DMK दफ्तर पहुंचकर सीट शेयरिंग समझौते पर कर सकते हैं हस्ताक्षर     |   मिडिल ईस्ट की स्थिति पर राष्ट्रपति ट्रंप से सार्थक बातचीत हुई: PM मोदी     |   अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने PM मोदी से फोन पर की बात, मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात पर हुई चर्चा     |   2025 में पाकिस्तान सबसे प्रदूषित देशों की लिस्ट में अव्वल     |   एम्स में भर्ती हरीश राणा का निधन     |  

उम्र बढ़ने की चिंता कर सकती है शरीर को जल्दी बूढ़ा, NYU के शोध में खुलासा

न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (NYU) के एक नए शोध में सामने आया है कि बढ़ती उम्र को लेकर ज्यादा चिंता करना शरीर में उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है। खासकर भविष्य में स्वास्थ्य खराब होने का डर इसका सबसे बड़ा कारण माना गया है। 700 से ज्यादा महिलाओं पर किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि जो महिलाएं उम्र बढ़ने को लेकर अधिक चिंतित थीं, उनके शरीर में जैविक रूप से तेजी से एजिंग के संकेत मिले। यह माप “एपिजेनेटिक क्लॉक” नाम की आधुनिक तकनीक से किया गया।

शोधकर्ताओं के अनुसार, स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं का असर सबसे ज्यादा देखा गया, जबकि सुंदरता या प्रजनन क्षमता को लेकर चिंता का ऐसा कोई खास प्रभाव नहीं मिला। अध्ययन की प्रमुख शोधकर्ता मारियाना रोड्रिग्स ने कहा कि उम्र बढ़ने की चिंता सिर्फ मानसिक समस्या नहीं है, बल्कि इसका असर शरीर पर भी पड़ता है और यह स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।

शोध में यह भी बताया गया कि महिलाएं उम्र बढ़ने को लेकर ज्यादा तनाव महसूस करती हैं, क्योंकि समाज में युवा दिखने और सुंदरता को लेकर दबाव अधिक होता है। इसके अलावा, मिडल एज में पारिवारिक जिम्मेदारियां भी तनाव बढ़ाती हैं। हालांकि, वैज्ञानिकों ने यह भी कहा कि यह अध्ययन पूरी तरह कारण-परिणाम साबित नहीं करता और इस पर आगे और शोध की जरूरत है। कुल मिलाकर, यह रिसर्च बताती है कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं और उम्र बढ़ने को लेकर ज्यादा चिंता करना सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है।