विश्व शांति, मानवता और भारतीय सनातन संस्कृति का संदेश वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के उद्देश्य से 12 अक्टूबर को ब्रिटेन की ऐतिहासिक संसद में वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन (WPO) का शुभारंभ किया गया। इस दौरान संगठन की नई अंतरराष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की गई। संजय गिरी को संगठन का ग्लोबल प्रेजिडेंट और गाजियाबाद स्थित सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज को अंतरराष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया।
150 से अधिक अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने लिया हिस्सा
अंतरराष्ट्रीय सिद्धाश्रम शक्ति केंद्र के पूज्य श्री राजराजेश्वर गुरुजी की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन, मेयर योगेश तेली, विभिन्न देशों के राजनयिकों, आध्यात्मिक गुरुओं और सामाजिक प्रतिनिधियों सहित 150 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण और विश्व शांति की प्रार्थना के साथ हुई। इस दौरान भारत की प्राचीन सनातन संस्कृति और 'वसुधैव कुटुम्बकम्' यानी पूरी दुनिया एक परिवार है, के संदेश को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
समारोह में ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन को संगठन के सलाहकार के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। ऑस्ट्रेलिया में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत लेखिका सिया जैन को भी संगठन का सलाहकार नियुक्त किया गया।
श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज को मिली अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी
श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष और जूना अखाड़ा 13 मढ़ी के अध्यक्ष भी हैं। उनकी नियुक्ति को भारतीय संत परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नई जिम्मेदारी के तहत उनका उद्देश्य विभिन्न देशों के आध्यात्मिक गुरुओं, धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के बीच संवाद एवं सहयोग को बढ़ावा देना होगा। संगठन विश्व शांति, अंतरधार्मिक सद्भाव, मानव सेवा, सांस्कृतिक एकता, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं में नैतिक मूल्यों के विकास जैसे विषयों पर काम करेगा।
पांच प्रमुख मूल्यों पर काम करेगा संगठन
वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन ने अपने कार्यों के लिए पांच प्रमुख आधार निर्धारित किए हैं। इनमें सद्भावना, एकता, सत्य, करुणा और सतत विकास शामिल हैं। संगठन का उद्देश्य विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों और समुदायों के बीच आपसी सम्मान बढ़ाने के साथ मानवता की सेवा और प्रकृति के संरक्षण को प्रोत्साहित करना है।
संगठन के ग्लोबल प्रेजिडेंट संजय गिरी के नेतृत्व में विभिन्न देशों में शांति, भाईचारे और सामाजिक सद्भावना से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत विश्व शांति सम्मेलन, आध्यात्मिक संवाद, मानव सेवा अभियान और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना है।
विश्व शांति के लिए संवाद और आध्यात्मिक चेतना पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए पूज्य श्री राजराजेश्वर गुरुजी ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध, हिंसा, तनाव और असुरक्षा जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। ऐसे समय में भौतिक विकास के साथ प्रेम, करुणा, नैतिकता और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करना भी जरूरी है। उन्होंने विभिन्न देशों और धर्मों के बीच संवाद एवं सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
वहीं, श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति हमेशा शांति, प्रेम, सहिष्णुता और मानवता का संदेश देती रही है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया को युद्ध के बजाय शांति, संघर्ष के बजाय संवाद और विभाजन के बजाय एकता की जरूरत है। उन्होंने वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन के माध्यम से विश्व के आध्यात्मिक और सामाजिक नेतृत्व को एक मंच पर लाकर मानव कल्याण के लिए काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
हनुमान चालीसा पाठ और भारतीय संस्कृति की प्रस्तुति
शारदीय नवरात्रि के अवसर पर आयोजित समारोह में भारतीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। कलाकार चीतल शाह ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के समापन पर श्री राजराजेश्वर गुरुजी के मार्गदर्शन में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। आयोजकों के अनुसार, इसके माध्यम से विश्व शांति, आपसी सद्भावना और मानव एकता का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन की आधिकारिक वेबसाइट भी शुरू की गई। संगठन की गतिविधियों, आगामी कार्यक्रमों और विश्व शांति अभियानों से जुड़ी जानकारी www.worldpeaceorganisation.com पर उपलब्ध कराई जाएगी। आयोजकों ने कहा कि संगठन का लक्ष्य विभिन्न देशों के लोगों को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर शांति, प्रेम, करुणा और मानवता के कल्याण के लिए एकजुट करना है।