Breaking News

कश्मीर के गुलमर्ग में LOC के पास रहस्यमयी ब्लास्ट, 1 शख्स की मौत, 4 घायल     |   दिल्ली-NCR से कश्मीर तक 6.2 तीव्रता से कांपी धरती, अफगानिस्तान बना भूकंप का केंद्र     |   दिल्ली-NCR और जम्मू-कश्मीर में महसूस किए गए भूकंप के तेज झटके     |   राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े बदलाव की तैयारी, 11 जुलाई की बैठक में नए महासचिव पर फैसला संभव     |   राम मंदिर ट्रस्ट से चंपत राय-अनिल मिश्रा का इस्तीफा, बैठक में तय होगी अगली भूमिका     |  

'कभी अलग नहीं होंगे', राज ठाकरे के साथ एकता पर बोले उद्धव ठाकरे

Maharashtra: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को कहा कि वो और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष उनके चचेरे भाई राज ठाकरे अब कभी अगल नहीं होंगे। दोनों भाई नगर निगम चुनावों से पहले एक साथ आए हैं।

उद्धव ठाकरे ने कहा, "जब तक हम साथ नहीं आए थे, लोग हमसे पूछते थे कि हम साथ क्यों नहीं आ रहे हैं। अब वे पूछ रहे हैं कि हम साथ क्यों आए हैं और हम कब तक साथ रहेंगे।" उन्होंने कहा, "इन बातों का ज्यादा मतलब नहीं है। हम बहुत सोच-समझकर और समझदारी से साथ आए हैं। अब, हम कभी अलग नहीं होंगे और एकजुट रहेंगे।"

दोनों भाई लगभग दो दशकों में पहली बार राजनीतिक रूप से एक साथ आए। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने पिछले महीने मुंबई और महाराष्ट्र के 28 अन्य नगर निगमों में 15 जनवरी को होने वाले चुनावों से पहले गठबंधन की घोषणा की थी। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने कांग्रेस और क्षेत्रीय पार्टियों सहित विपक्षी पार्टियों के एक साथ आने की जरूरत पर भी जोर दिया और कहा कि इसका कोई और विकल्प नहीं है।

एक सवाल के जवाब में कि क्या इंडिया गठबंधन मौजूद है, ठाकरे ने कहा, "थोड़ी जांच करें और देखें कि इंडिया गठबंधन है या नहीं। ये सच है कि हम लोकसभा चुनावों के बाद राहुल जी (गांधी) के घर पर सिर्फ एक बार मिले थे।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एकतरफा घोषणा की है कि वो शिवसेना (यूबीटी) के साथ गठबंधन करना चाहती है, लेकिन उनके साथ नहीं जो उनके साथ हैं। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उनका फैसला है।

ठाकरे ने ज़ोर देकर कहा "बीएमसी चुनावों में शरद पवार साहब (एनसीपी-एसपी) हमारे साथ हैं। कांग्रेस हमारे साथ नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर हम चाहते हैं कि सभी साथ हों। हम, दूसरी क्षेत्रीय पार्टियां और कांग्रेस साथ होने चाहिए। एक साथ आने की कोशिश होनी चाहिए। मुझे इसका कोई और विकल्प नहीं दिखता।"

महाराष्ट्र में विपक्षी महा विकास अघाड़ी में एक अहम खिलाड़ी कांग्रेस ने शिवसेना (यूबीटी) के महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के साथ गठबंधन का हवाला देते हुए 15 जनवरी को होने वाले बृहन्मुंबई महानगर निगम (बीएमसी) चुनावों में अकेले लड़ने का फैसला किया है। हालांकि, शिवसेना (यूबीटी) विपक्षी वोटों के बंटवारे से बचने के लिए कांग्रेस को बड़े गठबंधन का हिस्सा बनाना चाहती थी।

जब पूछा गया कि क्या एमएनएस भविष्य में इंडिया ब्लॉक का हिस्सा बनेगी, तो ठाकरे ने कांग्रेस पर तंज कसा और कहा, "अभी शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस एक साथ आए हैं। जो कोई भी आना चाहता है, वो हमारे साथ जुड़ सकता है। ये उनकी मर्जी है। हम उनसे ये नहीं पूछने वाले कि वे हमारे साथ आना चाहते हैं या नहीं।" इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस कई विपक्षी पार्टियों ने 2024 के लोक सभा चुनावों से पहले बीजेपी के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस का मुकाबला करने के लिए बनाया है।