उत्तराखंड के हरिद्वार से कानपुर तक जाने वाली अपर गंगा नहर को वार्षिक रखरखाव के लिए 20 दिनों तक बंद कर दिया गया है। इस दौरान नहर की सफाई, गाद निकालने, तटबंधों की मरम्मत और आगामी कुंभ मेले से जुड़ी तैयारियों का काम किया जाएगा। नहर बंद होने से हरिद्वार के हर की पौड़ी समेत कई प्रमुख घाटों पर पानी का स्तर काफी कम हो गया है। इससे गंगा स्नान के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की ओर से कराए जा रहे इस रखरखाव कार्य के कारण घाटों पर पानी का बहाव कम हो गया है। ऐसे में कई श्रद्धालु गंगा में डुबकी नहीं लगा पा रहे हैं। कुछ लोग लोटे और दूसरे छोटे बर्तनों की मदद से स्नान कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने रखरखाव कार्य की पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार, दिवाली से पहले नहर की सफाई, तटबंधों की मरम्मत और जलमार्ग को दुरुस्त करने का काम प्राथमिकता से किया जा रहा है।
गंगा दर्शन से खुश, लेकिन स्नान नहीं कर पाने का मलाल
हरिद्वार पहुंचे श्रद्धालु संजय ने बताया कि मां गंगा के दर्शन करके उन्हें खुशी हुई, लेकिन पानी कम होने के कारण ठीक से स्नान नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि उन्हें नहर बंद होने की जानकारी पहले नहीं थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि धनतेरस के आसपास पानी की आपूर्ति पूरी तरह बहाल हो सकती है। इसके बावजूद उन्होंने पानी के बर्तनों से स्नान किया और इसे सौभाग्य की बात बताया।
वहीं, अपने बच्चे का मुंडन संस्कार कराने हरिद्वार पहुंचीं गरिमा ने कहा कि पहली बार घाट पर पानी का बहाव कम देखकर उन्हें निराशा हुई। हालांकि, वह पानी में बैठकर अपना धार्मिक अनुष्ठान पूरा कर सकीं। उन्होंने बताया कि कम जलस्तर के बावजूद सभी रस्में बिना किसी परेशानी के पूरी हो गईं।
20 दिन बाद सामान्य होगा पानी का बहाव
अधिकारियों के मुताबिक, अपर गंगा नहर में रखरखाव का काम 20 दिनों तक चलेगा। इस दौरान गाद निकालने, तटबंधों की मरम्मत और नहर के ढांचे को दुरुस्त करने पर ध्यान दिया जाएगा। काम पूरा होने के बाद नहर नेटवर्क में पानी का सामान्य बहाव बहाल करने की योजना है। इन तैयारियों का उद्देश्य नहर की व्यवस्था को बेहतर बनाना और आगामी कुंभ मेले से पहले जरूरी मरम्मत पूरी करना है।