छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में सतनामी समाज के प्रतिष्ठित स्थल अमर गुफा में तोड़फोड़ से नाराज सदस्यों ने कलेक्ट्रेट ऑफिस में तोड़फोड़ की और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।
करीब दो दर्जन कारों और लगभग 100 मोटरसाइकिलों में आग लगा दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भीड़ ने पथराव भी किया, जिसमें अधिकारियों समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
घटना के बाद जिला प्रशासन ने बलौदाबाजार शहर में धारा 144 लागू कर दी है। इस घटना को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से मामले की जानकारी ली और रिपोर्ट मांगी।
देर रात डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने इलाके का दौरा किया और अधिकारियों से जानकारी मांगी। इस दौरान उन्होंने कहा, "सरकारी संपत्ति को बर्बाद करने वाले ये लोग किसी समाज के नहीं होते, ये असमाज के होते हैं, जिन्होंने ने किया है।"
15 और 16 मई की देर रात कुछ अज्ञात लोगों ने बलौदाबाजार जिले के गिरौदपुरी धाम में पवित्र अमर गुफा में मौजूद सतनामी समाज के पूजे जाने वाले ‘जैतखंभ’ में तोड़फोड़ की थी।
'जैतखंभ' को सतनामी समाज पवित्र प्रतीक के रूप में पूजता है। बाद में पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। सतनामी समुदाय इस मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग कर रहा है।
घटना के विरोध में सतनामी समाज ने सोमवार को दशहरा मैदान में विरोध प्रदर्शन और जिलाधिकारी कार्यालय के घेराव का आह्वान किया।
इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्टा हुए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जिलाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़ने से रोकने के लिए कई जगह बैरिकेडिंग की।
बलौदाबाजार के पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार ने बताया, "सतनामी समुदाय ने प्रदर्शन का आह्वान किया था और प्रशासन को लिखित में दिया था कि ये शांतिपूर्ण होगा, लेकिन विरोध हिंसक हो गया।"
उन्होंने बताया कि लगभग पांच हजार की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया जिसमें अधिकारियों सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।