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उत्तर प्रदेश: मथुरा में श्रद्धालुओं ने बड़े धूमधाम से मनाई 'लड्डू होली'

उत्तर प्रदेश के मथुरा में बरसाना के श्रीजी मंदिर में शुक्रवार को 'लड्डू होली' धूमधाम से मनाई गई। लड्डू होली, ब्रज में होने वाली लट्ठमार होली से ठीक एक दिन पहले खेली जाती है। पौराणिक परंपरा के मुताबिक इस दिन पांडव नंदगांव के हुरियारों को आमंत्रित करके बरसाना लौटे थे, जिनका सभी ने लड्डूओं की होली से स्वागत किया था। लड्डू होली में हिस्सा लेने के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचे।

बरसाना में आज पारंपरिक लड्डू मार होली ( Laddu Mar Holi ) का आयोजन किया जाएगा, जो लठ्ठमार होली से एक दिन पहले खेली जाती है। इस रंगारंग उत्सव में श्रद्धालु एक-दूसरे पर लड्डू बरसाकर होली की शुरुआत करेंगे। वहीं, कल विश्व प्रसिद्ध लठ्ठमार होली का आयोजन होगा, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे। इस भव्य आयोजन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। बरसाना में लड्डू मार ( Laddu Mar Holi ) होली का खास महत्व है। इसकी शुरूआत कब और कैसे हुई, इसी के बारे में आइए जानते हैं।

बरसाने में लड्डू मार ( Laddu Mar Holi ) होली को लेकर कई कथा प्रचलित हैं। इस अनोखी होली का संबंध द्वापर युग से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि नंद बाबा को राधा रानी के पिता ने होली के लिए निमंत्रण भेजा था। नंद बाबा ने यह निमंत्रण स्वीकार किया और पुरोहिंतो होली के लिए बरसाना भेजा। गोपियों ने रंग गुलाल से पुरोहितों का जोरदार स्वागत किया और उन्हें लड्डू दिया। पुरोहितों के पास गुलाल नहीं था, ऐसे में उन्होंने गोपियों के ऊपर लड्डू फेंकना शुरू कर दिया। कहा जाता है कि यहीं से लड्डू मार होली की शुरुआत हुई थी।