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योगी सरकार में हाईटेक होगा समाज कल्याण विभाग, एआई से तेज होंगे सरकारी काम

योगी सरकार उत्तर प्रदेश में सरकारी कामकाज को तेज, सरल और पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दे रही है। इसी दिशा में समाज कल्याण विभाग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। इससे सरकारी पत्रों के मसौदे तैयार करने, फाइलों पर टिप्पणी लिखने, रिपोर्ट का सारांश बनाने, अनुवाद करने और प्रस्तुतियां तैयार करने में मदद मिलेगी। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों का समय बचेगा और विभागीय कामकाज में तेजी आएगी।

रूपाम के रिट्रीट कार्यक्रम में एआई के इस्तेमाल पर चर्चा

समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने सरकारी कामकाज में एआई और डिजिटल तकनीक की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। इस विषय पर 17 अक्टूबर को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रूपाम) में आयोजित रिट्रीट कार्यक्रम के दौरान चर्चा हुई।

कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने और कामकाज की दक्षता बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। एआई के प्रभावी इस्तेमाल से कार्यालयी कार्यों को व्यवस्थित करने और अधिकारियों की उत्पादकता बढ़ाने के नए अवसर सामने आए।

ई-ऑफिस से बढ़ेगी पारदर्शिता, फाइलों के निस्तारण में आएगी तेजी

कार्यक्रम में ई-ऑफिस, मानव संपदा प्रबंधन, सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता, लाभार्थियों की पहचान और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई। इसके साथ ही कार्यालयी प्रक्रियाओं को आसान बनाने, निर्णय लेने में होने वाली देरी कम करने और कर्मचारियों के बीच संवाद व टीम भावना मजबूत करने पर जोर दिया गया।

डिजिटल तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से फाइलों के निस्तारण में तेजी लाने और प्रशासनिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है। योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य विभागीय कार्यक्षमता बढ़ाना और सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।