Breaking News

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के एक संदिग्ध को कोटा से हिरासत में लिया गया     |   हैदराबाद के पास सड़क हादसा, खड़ी लॉरी से टकराई RTC बस, 15 घायल     |   कनाडाई सैन्य अड्डे पर घास में लगी आग, 4 लोगों की मौत     |   तेल अवीव-वियना फ्लाइट को मिली बम से उड़ाने की धमकी, बुल्गारिया में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग     |   भारत छोड़ने के नोटिस को इमरान खान ने दी चुनौती, बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई आज     |  

योगी सरकार की पहल से लखनऊ बनेगा AI हब, वृन्दावन IT सिटी में बिजनेस पार्क बनाने की तैयारी तेज

योगी सरकार लखनऊ को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज कर रही है। प्रस्तावित लखनऊ AI सिटी-कम-बिजनेस पार्क के जरिए प्रदेश में तकनीक आधारित कंपनियों को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की योजना है। इस परियोजना के लिए वृन्दावन IT सिटी को सबसे उपयुक्त स्थल के रूप में चिह्नित किया गया है।

वृन्दावन IT सिटी में विकसित हो सकता है AI बिजनेस पार्क

प्रस्तावित AI सिटी के लिए तैयार प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट में भूमि चयन, परियोजना की अवधारणा, विकास की रूपरेखा और देश-विदेश में विकसित समान परियोजनाओं का अध्ययन किया गया है। इस आकलन के आधार पर वृन्दावन IT सिटी को AI सिटी-कम-बिजनेस पार्क के लिए उपयुक्त स्थान माना गया है।

इस परियोजना का उद्देश्य लखनऊ में ऐसा तकनीकी इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां AI आधारित कंपनियां अपना कारोबार स्थापित कर सकें। इससे प्रदेश में नवाचार और आधुनिक तकनीक से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने की संभावनाएं हैं।

AI कंपनियों की ओर से मिले 25 से अधिक प्रस्ताव

परियोजना में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संभावित साझेदारों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 26 जुलाई 2025 को एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया गया था। इसके जवाब में 25 से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

इन प्रस्तावों को परियोजना के लिए संभावित साझेदारों की रुचि के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य AI आधारित कंपनियों को आकर्षित करना और लखनऊ में तकनीक से जुड़े कारोबारी अवसरों का विस्तार करना है।

परियोजना के विकास के लिए नियुक्त किए गए विशेषज्ञ

AI सिटी-कम-बिजनेस पार्क की योजना बनाने, विकास की रूपरेखा तैयार करने और निवेश जुटाने के लिए विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद ली जा रही है। इसके तहत ट्रांजेक्शन एडवाइजर और कंसल्टेंसी संस्था की नियुक्ति की गई है। परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) के माध्यम से भी योजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है।

निर्धारित निर्देशों के अनुसार, कंसल्टेंट को नियुक्ति की तारीख से एक वर्ष के भीतर भूमि को लेकर अंतिम निर्णय लेने और परियोजना के लिए मास्टर डेवलपर को जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी है।

निवेश और रोजगार के नए अवसरों पर नजर

योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में AI, डिजिटल तकनीक और नवाचार से जुड़े उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है। परियोजना के विकसित होने से लखनऊ में तकनीकी कंपनियों और निवेशकों के लिए नए अवसर बन सकते हैं। इसके साथ ही AI से जुड़े कौशल, अनुसंधान और रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

लखनऊ AI सिटी परियोजना के जरिए प्रदेश को उभरती तकनीकों के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत आधार तैयार करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।