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त्रिपुरा सीएम ने TTAADC में आर्थिक संकट के आरोपों को नकारा, बोले- बिना वजह उठाया जा रहा मुद्दा

Tripura: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने शनिवार को त्रिपुरा ट्राइबल एरिया ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) में आर्थिक संकट के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि "एडीसी में कोई वित्तीय संकट नहीं है, कुछ लोग जानबूझकर इस मुद्दे को विधानसभा और बाहर उठाकर भ्रम फैला रहे हैं।" ये बयान उन्होंने अगरतला के रवींद्र शताब्दी भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया, जहां एनजीओ संचालित छात्रावासों में रहने वाले कक्षा 10वीं और 12वीं के आदिवासी मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया।

हालांकि मुख्यमंत्री ने किसी पार्टी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका बयान उनकी गठबंधन सहयोगी टिपरा मोथा पार्टी के उन आरोपों पर प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया माना जा रहा है, जिसमें एडीसी में फंड की कमी का मुद्दा बार-बार उठाया गया है।

मुख्यमंत्री साहा ने कहा, "आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों ही पूरी ईमानदारी से काम कर रही हैं। विशेष रूप से आदिवासी विकास पर केंद्रित 1,400 करोड़ रुपये की परियोजना चलाई जा रही है, जो बाहरी सहायता योजना के तहत है।"

उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अलावा मुख्यमंत्री की विशेष योजनाओं के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क संपर्क और पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमारी एक प्राथमिकता यह भी है कि हम आदिवासी संस्कृति और पहचान को संरक्षित रखें।”

मुख्यमंत्री ने छात्रों की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि सरकार की विकास योजनाएं जमीनी स्तर तक पहुंच रही हैं। गौरतलब है कि टिपरा मोथा, जो बीजेपी के साथ मिलकर टीटीएएडीसी चला रही है, ने हाल ही में बार-बार फंड की कमी का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि एडीसी का अधिकांश बजट वेतन और पेंशन में ही खर्च हो जाता है।

हाल ही में रिटायर कर्मचारियों को पेंशन न मिलने की वजह से विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इस मौके पर आदिवासी कल्याण मंत्री बिकास देबबर्मा और सामाजिक कार्यकर्ता बिपिन देबबर्मा के साथ मिलकर राज्य भर के छात्रावासों में रहने वाले आदिवासी छात्रों को सम्मानित किया।