देश का बड़ा हिस्सा इस वक्त भीषण गर्मी की चपेट में है। न केवल इंसान, बल्कि जानवरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। आम तौर पर गर्मी के मौसम में कुत्तों में हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। उनका मोटा फर गर्मी को उनके शरीर से बाहर निकलने से रोकता है।
तूतुकुड़ी के पशु चिकित्सकों की मानें, तो आदतें बदलने और कुछ जरूरी उपाय करने से पशुओं को बचाने में मदद मिल सकती है। डॉक्टरों ने पालतू जानवरों को बंद गाड़ियों के अंदर नहीं छोड़ने की सलाह दी है।
इसके अलावा, डॉक्टरों का ये भी कहना है कि जैसे ही पालतू जानवरों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के लक्षण दिखाई दें, उन्हें तुरंत डॉक्टर को दिखाए और खुद दवाई देने से बचे।