संगमनगरी प्रयागराज में रविवार को माघ मेले का दूसरा दिन है। शनिवार को पौष पूर्णिमा के मौके पर लाखों श्रद्धालु संगम में स्नान के लिए पहुंचे। माघ मेले में छह पवित्र स्नान होंगे। इनमें पहला पौष पूर्णिमा को होता है। इस मौके पर स्नान करना एक महीने तक चलने वाले कल्पवास की शुरुआत का भी प्रतीक है। इस दौरान श्रद्धालु गृहस्थ जीवन का मोह छोड़कर गंगा घाट पर सादगी से जीवन जीते हैं।
कल्पवास में सरल और अनुशासित जीवन जीने की परंपरा है। इसमें दैनिक प्रार्थना, ध्यान, दान और आत्मसंयम शामिल हैं। ये आध्यात्मिक शुद्धि और भक्ति के लिए किए जाते हैं। अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्था की है। पूरे मेला परिसर में लगभग 10,000 फीट में स्नान घाट बनाए गए हैं। शनिवार सुबह वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। भीड़ प्रबंधन के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जिसमें सीसीटीवी निगरानी और विशेष रूप से सुसज्जित कर्मियों की तैनाती शामिल है। माघ मेला पौष पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक चलता है।