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योगी सरकार माटी कला को दे रही नई पहचान, 48 हजार से अधिक शिल्पकार परिवारों को मिला सहारा

योगी सरकार उत्तर प्रदेश की पारंपरिक माटी कला को आधुनिक तकनीक, उद्यमिता और बाजार से जोड़कर शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में बुधवार को खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने लखनऊ के डालीबाग स्थित खादी भवन परिसर में माटी कला महोत्सव-2026 और राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। यह महोत्सव 28 अक्टूबर से 7 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है।

‘मिट्टी से संस्कृति, संस्कृति से समृद्धि’ थीम पर आयोजित इस महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों के शिल्पकारों द्वारा तैयार पारंपरिक और आधुनिक माटी कला उत्पादों, सजावटी वस्तुओं और कलाकृतियों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की जा रही है। इससे शिल्पकारों को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार और बिक्री के लिए मंच मिलेगा।

48 हजार से अधिक शिल्पकार परिवार चिह्नित

मंत्री राकेश सचान ने कहा कि माटी कला प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। योगी सरकार शिल्पकारों को आधुनिक उपकरण, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने तथा रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए काम कर रही है।

उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड की स्थापना 19 जुलाई 2018 को हुई थी। बोर्ड के माध्यम से अब तक 48 हजार से अधिक शिल्पकार परिवारों को चिह्नित किया गया है। वहीं, करीब 40 हजार शिल्पकारों को मिट्टी की उपलब्धता के लिए भूमि और पट्टे से संबंधित सुविधाओं का लाभ दिया गया है।

18,400 से अधिक विद्युत चालित चाक बांटे गए

माटी कला के आधुनिकीकरण और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए प्रदेश में अब तक 18,400 से अधिक विद्युत चालित चाक वितरित किए जा चुके हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 2,740 अतिरिक्त विद्युत चालित चाक उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इसके साथ पॉटरी और दीया निर्माण से जुड़े आधुनिक उपकरण भी दिए जा रहे हैं। इन सुविधाओं से शिल्पकारों को कम समय में बेहतर उत्पादन करने और बाजार की मांग के अनुसार उत्पाद तैयार करने में मदद मिलेगी।

माटी कला रोजगार योजना से स्थापित हुए 1,300 से अधिक उद्यम

मुख्यमंत्री माटी कला रोजगार योजना के तहत वित्तीय सहायता और बैंक ऋण के माध्यम से अब तक 1,300 से अधिक उद्यम स्थापित किए गए हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 300 और उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

शिल्पकारों को साझा उत्पादन सुविधाएं देने के लिए पीलीभीत, रामपुर, कन्नौज, अमरोहा, बाराबंकी, फिरोजाबाद, बिजनौर, अमेठी, बरेली और जालौन में 10 कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किए गए हैं।

4,900 शिल्पकारों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य

सरकार चालू वित्तीय वर्ष में करीब 4,900 शिल्पकारों को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण देने की तैयारी कर रही है। इसमें आधुनिक तकनीक, उपकरणों के इस्तेमाल और उद्यम प्रबंधन से जुड़ी दक्षताओं को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

शिल्पकारों को संगठित करने और उनकी सामूहिक उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 128 सहकारी समितियां भी पंजीकृत की गई हैं। उत्कृष्ट काम करने वाले शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने के लिए मंडल और राज्य स्तर पर पुरस्कार देने की व्यवस्था है।

शिल्पकारों को मिले चाक, पग मिल और ऋण स्वीकृति पत्र

महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर पांच शिल्पकारों को निःशुल्क विद्युत चालित चाक और दो शिल्पकारों को पग मिल प्रदान किए गए। इसके अलावा मुख्यमंत्री माटी कला रोजगार योजना के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति चेक वितरित किए गए।

मंत्री राकेश सचान ने कहा कि बदलती बाजार मांग के अनुरूप माटी कला उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग पर ध्यान देना जरूरी है। इससे शिल्पकारों के उत्पादों को व्यापक बाजार मिल सकेगा और उन्हें अपनी मेहनत का उचित मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी।उन्होंने नागरिकों से स्थानीय शिल्पकारों के उत्पाद अपनाने और ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने की अपील की।