तेलंगाना में एसएलबीसी सुरंग ढहने वाली जगह पर शनिवार को 22वें दिन भी बचाव अभियान जारी है। फंसे हुए सात लोगों तक पहुंचने के प्रयास में बचाव दल सुरंग के अंदर काम करते देखे गए। श्रीशैलम लेफ्ट कैनाल (एसएलबीसी) परियोजना की सुरंग का एक हिस्सा ढहने से उसके अंदर फंसे सात लोगों की तलाश में तेजी लाने के लिए शुक्रवार को विशेष उपकरणों से लैस ‘हाइड्रोलिक संचालित एक रोबोट’ को तैनात किया गया।
सरकारी खनन कंपनी ‘सिंगरेनी कोलियरीज’ के बचावकर्मी, लापता व्यक्तियों की खोज के लिए खनिकों के साथ मिलकर स्थानों पर खुदाई कर रहे हैं। रोबोट सुरंग के भीतर ‘खतरनाक स्थानों’ पर पहुंच सकते हैं, जो इंसान की पहुंच से दूर हो और वे 15 गुना ज्यादा दक्षता के साथ काम कर सकते हैं। सुरंग में 24 घंटे तलाशी अभियान जारी है। सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), एचआरडीडी, सिंगरेनी कोलियरीज, रोबोटिक्स कंपनी और अन्य टीम इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हैं।
तेलंगाना सुरंग हादसा: 22वें दिन भी जारी है सात श्रमिकों की तलाश
You may also like
Sant Sansad 2026: 'जब जब देश पर संकट आया संतों ने आगे आकर दुश्मन को करारा जवाब दिया' — ईश्वर दास जी महाराज.
Sant Sansad 2026: 'हमारे देश का संगत और पंगत का सिद्धांत ही राष्ट्रवाद का प्रतीक है' — स्वामी वीर सिंह हितकारी.
Sant Sansad 2026: 'हमें देश के सिद्धांतों का ज्ञान होना चाहिए, राष्ट्र के प्रति समर्पित होना चाहिए'— स्वामी भरत दास जी.
Sant Sansad 2026 : हमारी देवदृष्टि अलग हो सकती है, देश दृष्टि नहीं — संजीव कृष्ण ठाकुर.