पाकिस्तान की तरफ से की गई भारी गोलाबारी के बाद पुंछ के बाजार दूसरे दिन भी बंद रहे। जिसकी वजह लोगों में डर का माहौल है। लोग अभी भी गोलाबारी के बाद के हालात से जूझ रहे हैं। कई निवासियों ने सुरक्षित इलाकों में शरण ली है। इस गोलाबारी में करीब 15 निर्दोष नागरिक मारे गए और 43 लोग घायल हुए हैं। पाकिस्तान की तरफ से नागरिक इलाकों को निशाना बनाकर की गई गोलाबारी से लोगों में भारी आक्रोश है।
पाकिस्तान की ओर से की गई भीषण गोलाबारी के बाद जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। लगातार दूसरे दिन बाजार पूरी तरह बंद रहे। सड़कें सूनी हैं, दुकानों के शटर बंद है और लोग खौफ के साए में अपने घरों में दुबके हुए हैं। कई परिवार अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित इलाकों में पलायन कर चुके हैं। इस हमले में अब तक 15 निर्दोष नागरिकों की जान जा चुकी है, जबकि 43 लोग घायल हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से जानबूझकर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में डर पैदा हो। घरों की दीवारें गोलियों से छलनी हो चुकी हैं और कई मकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इस हमले के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव और नाराज़गी का माहौल है। लोग पाकिस्तान की इस नापाक हरकत के खिलाफ सरकार से कड़ा जवाब देने की मांग कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय नेताओं ने इसे युद्ध अपराध करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को बेनकाब करने की मांग की है।
वहीं, सेना और प्रशासन ने लोगों को आश्वस्त किया है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं और जवाबी कार्रवाई जारी है। सीमा पर सेना हाई अलर्ट पर है और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पुंछ की गलियों में पसरा सन्नाटा आज भी गवाही दे रहा है उस भयावह रात की, जब बेकसूर लोग पाकिस्तान की गोलियों का निशाना बने।