असम में विधानसभा चुनाव से महज 20 दिन पहले कांग्रेस को झटका देते हुए लोकसभा सदस्य प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस की प्रदेश इकाई में मीडिया विभाग के अध्यक्ष बेदब्रत बोरा नेकहा कि बोरदोलोई ने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजा है। दिल्ली में सांसद से मुलाकात करने वाले असम के प्रभारी कांग्रेस महासचिव जितेंद्र सिंह और कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कहा कि यह “परिवार के अंदर का मतभेद” है और “मुख्यमंत्री (हिमंत विश्व शर्मा) द्वारा मीडिया के जरिए बोरदोलोई की राजनीतिक छवि खराब करने की कोशिश का हिस्सा” है।”
नगांव लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रह चुके बोरदोलोई के पुत्र नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में मार्गेरिटा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं।
खरगे को संबोधित एक पंक्ति के अपने त्यागपत्र में सांसद ने कहा, “भरे मन से, मैं कांग्रेस के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा देता हूं।” बोरा ने बताया कि गोगोई और सिंह ने इस मुद्दे पर राष्ट्रीय राजधानी में बोरदोलोई से बात की।
बैठक के बाद सिंह ने कहा, “बोरदोलोई की रगों में कांग्रेस का खून है। हम एक ही परिवार के सदस्य हैं और हमेशा रहेंगे।” उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में बोरदोलोई को भाजपा में शामिल होने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। उन्होंने कहा, “कोई भी व्यक्ति भाजपा में नहीं जाएगा। भूपेन बोरा हाल में वहां गए, और अब वह पार्टी का टिकट पाने के लिए भाग-दौड़ कर रहे हैं। वहां तो कोई उन्हें नमस्कार तक नहीं करता और न ही मंच साझा करने के लिए बुलाता है।”
सिंह ने बोरा के इस्तीफे के तुरंत बाद शीर्ष राज्य नेताओं के साथ उनसे मुलाकात की थी और तब भी उन्होंने कहा था कि वह कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे। गोगोई ने कहा, “मैं ऐसी खबरों (बोरदोलोई के इस्तीफे की) की निंदा करता हूं। मुख्यमंत्री मीडिया के जरिए उनकी राजनीतिक छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि बोरदोलोई के साथ हुई बैठक में आगामी चुनाव के लिए लोगों तक पहुंच बनाने की पार्टी की रणनीति पर चर्चा की गई। असम से कांग्रेस के तीन लोकसभा सदस्य हैं -प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई (जोरहाट), प्रद्युत बोरदोलोई (नगांव) और रकीबुल हुसैन (धुबड़ी)। कॉटन कॉलेज (अब विश्वविद्यालय) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र बोरदोलोई 2016 तक मार्गेरिटा विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे हैं। वह छात्र जीवन से ही एनएसयूआई की प्रदेश इकाई से जुड़े रहे।
विधानसभा चुनाव के लिए वह पार्टी की घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष भी रहे। उनका इस्तीफा असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के पार्टी छोड़कर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने के लगभग एक महीने बाद आया है। इस बीच, एपीसीसी के एक अन्य वरिष्ठ नेता और बोरदोलोई के करीबी सहयोगी नवज्योति तालुकदार ने भी मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, गुवाहाटी सेंट्रल सीट से टिकट के दावेदार रहे तालुकदार ने उस सीट के लिए किसी अन्य व्यक्ति को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद यह कदम उठाया। बोरदोलोई ने हाल में असम के प्रभारी एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर कहा था कि यदि लाहौरीघाट के मौजूदा विधायक आसिफ मोहम्मद नजर को विधानसभा चुनाव के लिए दोबारा उम्मीदवार बनाया गया, तो वह पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं। सांसद ने पत्र में आरोप लगाया कि नजर के करीबी सहयोगी इमदादुल इस्लाम अप्रैल 2025 में बोरदोलोई और अन्य पार्टी नेताओं पर हुए हमले में शामिल थे और इस मामले में पुलिस ने उनके खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया है।