देश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। योजना के तहत अब तक देशभर में 55,82,554 परिवारों को रूफटॉप सोलर से जोड़ा जा चुका है। इनमें अकेले गुजरात के 11,77,695 परिवार शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में अपने संबोधन के दौरान योजना की बढ़ती पहुंच और इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना तेजी से विस्तार कर रही है और बड़ी संख्या में परिवार अब बिजली उपभोक्ता के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादक भी बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का तेजी से विस्तार हो रहा है। अब तक देश के 55 लाख परिवारों ने अपनी छतों और टेरेस पर सोलर प्लांट लगाए हैं। इनमें से 11 लाख परिवार गुजरात के हैं।” उन्होंने कहा कि सोलर प्लांट लगने से बड़ी संख्या में परिवार अब ऊर्जा उत्पादन से जुड़ गए हैं। इससे सोलर पैनल के उत्पादन से लेकर इंस्टॉलेशन और सर्विसिंग तक कई स्तरों पर रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। साथ ही बड़ी संख्या में नए वेंडर भी इस क्षेत्र में सामने आए हैं।
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, गुजरात में 8,33,250 सफल सोलर इंस्टॉलेशन हो चुके हैं। इससे राज्य में कुल 3,123.96 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता जुड़ी है। योजना के तहत गुजरात के लाभार्थियों को अब तक 6,030.30 करोड़ रुपये की सब्सिडी सीधे उनके खातों में दी जा चुकी है। राष्ट्रीय स्तर पर अब तक 46.94 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरे हो चुके हैं। इनके जरिए देश के बिजली ग्रिड में 16,530.53 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ी गई है।
सरकार की यह योजना घरों की बिजली जरूरतों को पूरा करने के साथ लोगों के बिजली खर्च को कम करने में भी मदद कर रही है। इसके साथ ही सोलर पैनल के निर्माण, इंस्टॉलेशन और रखरखाव जैसे क्षेत्रों में रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। पीएम सूर्य घर योजना का उद्देश्य सिर्फ घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना नहीं है, बल्कि देश में स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने और लोगों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर देना है। रूफटॉप सोलर के बढ़ते इस्तेमाल से सोलर उपकरणों की मांग बढ़ रही है। इससे विनिर्माण, इंस्टॉलेशन, सर्विसिंग और रखरखाव से जुड़े कारोबार को भी बढ़ावा मिल रहा है।