दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मंगलवार को साउथ कैंपस के सत्य निकेतन में हुए भवन हादसे में घायल छात्रों का हाल जानने एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं। उन्होंने घायल छात्रों के परिजनों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य और इलाज की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में दिल्ली सरकार उनके साथ खड़ी है और इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने एम्स के डॉक्टरों से भी घायल छात्रों की स्थिति और उन्हें दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। डॉक्टरों ने बताया कि गंभीर रूप से घायल छात्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और उनके इलाज के लिए विशेष मेडिकल टीम तैनात है।
सीएम रेखा गुप्ता ने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि सभी घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज और हर जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों का जीवन बचाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इलाज से जुड़ी किसी भी जरूरत में सरकार हरसंभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने घायल छात्रों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
मुख्यमंत्री ने परिजनों को बताया कि सत्य निकेतन हादसे को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हादसे से जुड़े भवन के मालिक को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने कहा कि फिलहाल सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता घायलों की जान बचाना और उन्हें बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। प्रभावित परिवारों से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है और उनकी जरूरतों का ध्यान रखा जा रहा है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर दिल्ली में पीजी हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू कर दी गई है। नगर निगम को अपने क्षेत्र के सभी पीजी हॉस्टलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को भवन की सुरक्षा, जरूरी अनुमतियों, फायर सेफ्टी एनओसी, स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट और अन्य निर्धारित मानकों की जांच करने के लिए कहा गया है। जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और वरिष्ठ अधिकारी पूरी कार्रवाई की निगरानी करेंगे।
मुख्यमंत्री ने सत्य निकेतन हादसे के आसपास मौजूद जर्जर भवनों और वहां काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने नगर निगम को दुर्घटनास्थल के आसपास के जर्जर और खतरनाक भवनों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारी भवन के अंदर मौजूद छात्रों का सामान सुरक्षित बाहर निकालने का काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने छात्रों और स्थानीय लोगों से राहत एवं सुरक्षा कार्यों में सहयोग करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जब तक इलाके में सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक वहां किसी भी तरह का निर्माण कार्य नहीं किया जाए। साथ ही श्रमिकों की जान को खतरे में डालने वाली गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने को कहा गया है। सीएम रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।