प्रयागराज में डेंगू और वायरल बुखार के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में तैयारियां तेज कर दी हैं। मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए 25 बेड आरक्षित किए गए हैं। वहीं, प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में पांच बेड अलग से रखे गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पतालों में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। जिला अस्पताल में 25 बेड डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित हैं, जबकि प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पांच बेड की व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि मरीजों के इलाज के लिए जरूरी दवाएं और अन्य मेडिकल सप्लाई पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। डेंगू मरीजों के लिए निर्धारित वार्डों में मच्छरदानी भी लगाई गई है, ताकि मच्छरों से बचाव किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि डेंगू मरीजों के लिए प्लेटलेट का स्टॉक पर्याप्त है। जरूरत पड़ने पर सरकारी और निजी ब्लड बैंकों के माध्यम से प्लेटलेट की आपूर्ति की जाएगी। इससे मरीजों को इलाज के दौरान जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
तेज बहादुर सप्रु अस्पताल में डेंगू के संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए अलग से 'फिल्टर क्लिनिक' शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य संदिग्ध मरीजों की जांच करना और उन्हें सामान्य मरीजों से अलग रखना है। जांच के बाद जिन मरीजों की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आती है, उन्हें डेंगू के लिए बनाए गए विशेष वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। यहां मरीजों को जरूरी दवाएं और उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
अस्पताल में भर्ती मरीजों ने बताया कि चिकित्सा देखभाल मिलने के बाद उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यक उपचार दिया जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को घरों और आसपास पानी जमा न होने देने तथा मच्छरों से बचाव के जरूरी उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू से बचाव के लिए साफ-सफाई बनाए रखना और मच्छरों के प्रजनन को रोकना जरूरी है।