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किश्तवाड़ आपदा में राहत कार्य तेजी से जारी, फंसे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बसें लगाईं

Jammu and Kashmir: जम्मू कश्मीर में किश्तवाड़ जिला प्रशासन बादल फटने से प्रभावित चशोती गांव में फंसे तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए बसों सहित दूसरे वाहन भी लगाए गए हैं। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि आपदा प्रभावित इलाके में करीब 700 श्रद्धालु फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया कि करीब 300-400 लोग मचैल भवन से चशोती की ओर रवाना हो चुके हैं।

14 अगस्त दोपहर करीब 12:25 बजे मचैल माता मंदिर के रास्ते में आने वाले गांव चशोती में त्रासदी हुई। इस आपदा में अस्थायी बाजार, तीर्थयात्रा के लिए सामुदायिक रसोई स्थल और एक सुरक्षा चौकी तबाह हो गई। बादल फटने से आई बाढ़ में कम से कम 16 मकान और सरकारी इमारतें, तीन मंदिर, चार पानी के मिल, 30 मीटर लंबा पुल और दर्जनभर से ज्यादा वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।

25 जुलाई से शुरू हुई सालाना मचैल माता यात्रा इस हादसे के बाद लगातार तीसरे दिन शनिवार को भी स्थगित रही। ये यात्रा 8.5 किलोमीटर लंबे ट्रैक से होती है, जो किश्तवाड़ शहर से लगभग 90 किलोमीटर दूर चशोती से शुरू होकर 9,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित मंदिर तक जाती है।