Jharkhand: हाल ही में रांची का मोरहाबादी मैदान एक ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बना। मौका था झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने का। इसी दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 8,792 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। संख्या के लिहाज़ से यह अपने आप में पहला अवसर था।
साल 2024 में सरकार के गठन के बाद ही हेमंत सोरेन ने पहले वर्ष को नियुक्ति वर्ष का नाम दिया था। इस दौरान लगभग 16 हज़ार युवाओं को सरकारी और 8 हज़ार युवाओं को गैर-सरकारी नौकरियां मिलीं, जो बताता है कि सरकार रोजगार के मोर्चे पर ठोस कदम उठा रही है।
कौशल केंद्र और मुख्यमंत्री सारथी जैसी कई योजनाएं प्रदेश में चल रही हैं, जो युवाओं को कुशल बनाकर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर दिला रही हैं। खासकर ग्रामीण परिवेश से आने वाले युवाओं को ये योजनाएं आत्मनिर्भर भी बना रही हैं। मोरहाबादी मैदान में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम ने युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 से 2024 तक के पिछले कार्यकाल में हेमंत सोरेन सरकार ने 24–25 हज़ार सरकारी और 28 हज़ार गैर-सरकारी नौकरियां दी हैं। अभी हुई भर्तियों की सबसे खास बात है महिलाओं की बढ़ती भागीदारी।शिक्षक नियुक्तियों में 40 फ़ीसदी और JPSC नियुक्तियों में 30 फ़ीसदी महिलाएं शामिल रहीं। विश्वास से लबरेज ये युवा अब तरक्की की नई उड़ान भरने के लिए तैयार हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में सृजित पदों के एवज में अब 1.60 लाख रिक्तियां बची हैं। राज्य सरकार का दावा है कि आने वाले 4 सालों में इन सभी पदों को भी भर दिया जायेगा।