उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में गुरुवार को भारतीय वायुसेना की ताकत और जांबाज पायलटों के कौशल का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। गंगा के ऊपर आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो की शुरुआत लड़ाकू विमानों की गर्जना के साथ हुई। पहली बार वाराणसी में हो रहे इस हवाई प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग घाटों पर जुटे। राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000 और तेजस जैसे लड़ाकू विमानों के हैरतअंगेज करतबों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

गंगा की लहरों के ऊपर तेजी से उड़ते विमान, आसमान में कलाबाजियां दिखाते लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टरों से उतरते जवानों ने भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता की झलक पेश की। विमानों के बीच सटीक तालमेल और पायलटों के बेहतरीन नियंत्रण ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। काशी की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े नामों वाले फॉर्मेशन ने भी इस प्रदर्शन को खास बनाया।
राफेल और सुखोई के करतबों ने बढ़ाया रोमांच

एयर शो में राफेल के प्रदर्शन के दौरान दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। विमान ने तेज गति से उड़ान भरते हुए गंगा के ऊपर कई शानदार हवाई करतब दिखाए। 180 डिग्री के मोड़, तेजी से दिशा बदलने और अलग-अलग ऊंचाइयों पर उड़ान भरने के प्रदर्शन ने लोगों को रोमांचित कर दिया।

सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000 और तेजस समेत अन्य लड़ाकू विमानों ने भी अपनी गति, संतुलन और हवाई कौशल का प्रदर्शन किया। आसमान में विमानों की गर्जना और उनकी कलाबाजियों के बीच घाटों पर मौजूद दर्शक भारतीय वायुसेना के इस प्रदर्शन को देखते रहे।
चिनूक हेलीकॉप्टर से जवानों का प्रदर्शन बना आकर्षण

हवाई प्रदर्शन में हेलीकॉप्टरों और परिवहन विमानों की क्षमताएं भी दिखाई गईं। चिनूक हेलीकॉप्टर से जवानों के उतरने का प्रदर्शन कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा। भारतीय वायुसेना के विशेष बल ‘गरुड़’ की भागीदारी ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा।

इसके अलावा सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम ने अपने कौशल से कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया। हेलीकॉप्टरों और लड़ाकू विमानों के बीच तालमेल ने वायुसेना की विविध क्षमताओं को सामने रखा।
करीब 100 विमान और 25 फॉर्मेशन ने दिखाया दमखम

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, एयर शो में करीब 100 विमान शामिल हुए। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक ऐतिहासिक विमान शामिल था। इन विमानों ने देशभर के 12 वायुसेना अड्डों से उड़ान भरी। पूरे प्रदर्शन में 25 विमान फॉर्मेशन के जरिए वायुसेना की परिचालन क्षमता और पायलटों की पेशेवर दक्षता दिखाई गई।

प्रदर्शन में प्रचंड एलसीएच, चिनूक, एएलएच मार्क-III और मार्क-IV, अपाचे, चेतक, कामोव-31 और एमआई-17 वी5 जैसे हेलीकॉप्टर शामिल रहे। वहीं, सी-295, सी-17, सी-130, एएन-32 और अन्य परिवहन व सहायक विमानों ने भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।

लड़ाकू विमानों में सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, राफेल, एलसीए, मिग-29 और जगुआर शामिल रहे। भारतीय थल सेना और नौसेना के विमानों व हेलीकॉप्टरों की भागीदारी ने भी इस आयोजन को खास बनाया।
प्रचंड फॉर्मेशन में दिखी युद्धक क्षमता की झलक

एयर शो के दौरान प्रचंड फॉर्मेशन ने भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता, तत्परता और सटीक प्रहार करने की क्षमता को प्रदर्शित किया। इस प्रदर्शन के जरिए आधुनिक सैन्य तकनीक और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हवाई अभियानों को अंजाम देने की क्षमता की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में शामिल विभिन्न फॉर्मेशन ने देश की रक्षा के लिए वायुसेना की तैयारियों को रेखांकित किया।
24 और 25 अक्टूबर को भी होगा एयर शो

‘विंग्स ओवर गंगा’ का आयोजन 22, 24 और 25 अक्टूबर को किया जा रहा है। पहले दिन के प्रदर्शन के बाद 24 और 25 अक्टूबर को भी भारतीय वायुसेना अपने हवाई कौशल का प्रदर्शन करेगी।

गंगा के घाटों और काशी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बीच आयोजित यह एयर शो स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए खास अनुभव बन रहा है। लड़ाकू विमानों की गर्जना, हेलीकॉप्टरों के करतब और आसमान में बनते आकर्षक फॉर्मेशन के जरिए भारतीय वायुसेना अपने शौर्य, आधुनिक तकनीक और जवानों के अदम्य साहस की झलक पेश कर रही है।
