प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में भारत के डिजिटल इकोसिस्टम, स्टार्टअप और तकनीक के जरिए समावेशी विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत किसी की कीमत पर आगे नहीं बढ़ता, बल्कि दुनिया के साथ और दुनिया के लिए विकास करता है। पीएम मोदी ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था का उदाहरण देते हुए बताया कि भारत में रेहड़ी-पटरी लगाने वाले से लेकर बड़े कार शोरूम तक, सभी एक ही डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं।
भारत को बताया 'लोकतंत्र की जननी'
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को 'लोकतंत्र की जननी' बताते हुए देश की भाषाई विविधता और व्यापक मीडिया नेटवर्क का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में 100 से अधिक भाषाएं, लगभग 80 हजार पंजीकृत समाचार पत्र और प्रकाशन तथा 1,000 से ज्यादा सैटेलाइट टेलीविजन चैनल हैं।
पीएम मोदी ने बताया कि भारत में यूट्यूब और इंस्टाग्राम के 50-50 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि देश में लोग अलग-अलग मुद्दों पर खुलकर चर्चा करते हैं और विभिन्न विचारों को सामने रखते हैं। डिजिटल तकनीक ने इस संवाद को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है।
देश में 2.5 लाख से ज्यादा स्टार्टअप
प्रधानमंत्री ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में तेजी से हुई वृद्धि का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में कुछ सौ स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 2.5 लाख से अधिक हो गई है।
उन्होंने बताया कि लगभग आधे स्टार्टअप छोटे शहरों और कस्बों से आते हैं। वहीं, 45 प्रतिशत स्टार्टअप में महिला निदेशक या साझेदार हैं। पीएम मोदी के मुताबिक, इससे पता चलता है कि देश में नवाचार के अवसर अधिक लोगों तक पहुंच रहे हैं और अलग-अलग क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है।
दूसरे देशों के साथ साझा कर रहा डिजिटल तकनीक का अनुभव
पीएम मोदी ने कहा कि भारत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के क्षेत्र में अपने अनुभव दूसरे देशों के साथ साझा कर रहा है, ताकि वे अपनी जरूरतों के अनुसार डिजिटल व्यवस्था विकसित कर सकें।
उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान विकसित CoWIN प्लेटफॉर्म का उदाहरण देते हुए कहा कि इसे ओपन-सोर्स प्रणाली के रूप में तैयार किया गया था। भारत के प्रयासों का उद्देश्य देश की तकनीकी क्षमताओं से दूसरे देशों के लिए भी नए अवसर पैदा करना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी विचार को उत्पाद और किसी समस्या को समाधान में बदलना नवाचार की बड़ी क्षमता है। लेकिन जब समाज के अधिक लोगों को ऐसे अवसर मिलते हैं, तो इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।
तकनीक से सीधे बैंक खातों में पहुंच रही सरकारी सहायता
प्रधानमंत्री मोदी ने सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने में तकनीक की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तकनीक की मदद से लाभार्थियों के बैंक खातों में सरकारी सहायता सीधे भेजने की व्यवस्था बनाई गई है। उनके अनुसार, इस व्यवस्था से भ्रष्टाचार कम करने, नागरिकों की सुविधा बढ़ाने और सरकार तथा जनता के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने में मदद मिली है।
भारत में आयोजित हुआ ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम
ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम का आठवां संस्करण भारत में आयोजित किया गया। इसमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के 500 से अधिक प्रभावशाली वैश्विक नेताओं के शामिल होने की जानकारी दी गई। 'A World in Play: Defining the New Levers of Power' थीम पर आयोजित इस फोरम में बदलती वैश्विक राजनीति, मौजूदा अनिश्चितताओं से जुड़े जोखिमों और अवसरों तथा भविष्य की समृद्धि के लिए सहयोग पर चर्चा की जा रही है।