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यमुना खादर में अवैध डेयरियों पर NGT सख्त, MCD और DPCC से मांगी रिपोर्ट

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने कहा है कि दिल्ली के यमुना खादर (फ्लडप्लेन) से अवैध डेयरियों को हटाने के उसके पहले दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं हुआ है। हालिया निरीक्षण में वहां अब भी अस्थायी पशु शेड और बड़ी संख्या में मवेशी मिले हैं। NGT के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को छह सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को नए सिरे से निरीक्षण कर ताजा रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। यह आदेश 19 अप्रैल 2024 को दिए गए NGT के फैसले के पालन से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।

DPCC की 15 जून और 2 जुलाई 2026 की निरीक्षण रिपोर्ट में बताया गया कि स्थायी डेयरी ढांचे तो नहीं मिले, लेकिन कई जगह:

  • अस्थायी पशु शेड मौजूद थे।

  • चारे और गोबर के बड़े ढेर मिले।

  • करीब 50 से 60 मवेशी फ्लडप्लेन क्षेत्र में पाए गए।

निरीक्षण मयूर विहार फेज-1 के O-Zone, DND फ्लाईवे के नीचे और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के आसपास किया गया। इस दौरान किसी भी डेयरी मालिक या प्रतिनिधि की मौजूदगी नहीं मिली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने NGT को बताया कि उसने अवैध डेयरियों के खिलाफ तोड़फोड़ अभियान चलाया था, लेकिन कार्रवाई के बाद पशुपालक दोबारा मवेशियों को वहीं ले आते हैं या पास के फ्लाईओवर के नीचे रख देते हैं। DDA ने कहा कि ऐसे मवेशियों को जब्त करने की जिम्मेदारी MCD के पशुपालन विभाग की है।

NGT ने कहा कि यदि डेयरी फार्म केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के नियमों का उल्लंघन करते हुए चल रहे हैं, तो DPCC उनके खिलाफ कार्रवाई करे और जरूरत पड़ने पर पर्यावरणीय मुआवजा भी वसूले। अब MCD और DPCC को छह सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर 2026 को होगी।