Hyderabad: तेलंगाना सरकार ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर और टेन्क विक के संस्थापक अनिल कुंबले के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर दस्तखत किए हैं। इस एमओयू का उद्देश्य शिक्षा, खेल विज्ञान और खेल प्रतिभा की पहचान को एक संरचित ढांचे में समाहित करना है।
ये समझौता अनिल कुंबले की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान तेलंगाना के माननीय खेल मंत्री वक्काटी श्रीहरी, एसएटीजी (एसएटीजी) के चेयरमैन शिवसेना रेड्डी, पर्यटन, संस्कृति एवं खेल विभाग के विशेष मुख्य सचिव जयेश रंजन, एसएटीजी की वाइस चेयरपर्सन और प्रबंध निदेशक सोनीबाला देवी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। खेल मंत्री श्री वक्काटी श्रीहरी ने बताया कि ये कार्यक्रम माननीय मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें युवाओं के विकास में खेल और शिक्षा को मुख्य आधार माना गया है।
इस पहल के तहत पहले चरण में राज्य की 238 सामाजिक कल्याण स्कूलों से खेल प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी, जिससे लगभग 1.5 लाख छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है। पहले चरण में पांच ओलंपिक खेल – कुश्ती, कबड्डी, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स और भारोत्तोलन – शामिल किए गए हैं। चयनित खिलाड़ियों को राज्य के तीन उत्कृष्टता केंद्रों में प्रशिक्षण के साथ-साथ शैक्षणिक विकास का भी अवसर मिलेगा। इस कार्यक्रम में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण और खेल विज्ञान तकनीकों से भी उन्नत किया जाएगा।
अनिल कुंबले ने कहा, “प्रतिभा होना ही काफी नहीं है – अवसर उपलब्ध कराना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। इस पहल के माध्यम से हम न केवल युवा खिलाड़ियों को मंच देंगे, बल्कि कोचों को भी प्रशिक्षित करेंगे और तेलंगाना को देश के अग्रणी खेल प्रोत्साहक राज्यों में बदलने की दिशा में कार्य करेंगे।”
कार्यक्रम के दूसरे चरण में पांच और ओलंपिक खेलों को शामिल कर प्रतिभा खोज का दायरा और बढ़ाया जाएगा। पहले चरण का क्रियान्वयन तत्काल शुरू किया जाएगा। खेल क्षेत्र के प्रमुख नेतृत्वकर्ताओं के साथ यह प्रतिभा पहचान और क्षमता निर्माण की पहल तेलंगाना में एक खेल क्रांति की शुरुआत मानी जा रही है।