उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के लोनी पुलिस थाना परिसर में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जप्त किए गए वाहनों में अचानक आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब दो दर्जन वाहन इसकी चपेट में आ गए. आग की लपटें दूर तक दिखाई दे रही थीं, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई.
चीफ फायर ऑफिसर राहुल पाल के मुताबिक, ट्रोनिका सिटी फायर स्टेशन को सूचना मिलते ही तुरंत तीन दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं. इससे पहले पुलिसकर्मियों ने अपने स्तर पर ही आग बुझाने की कोशिश की, मगर वो आग बुझाने में सफल नहीं हो सके. बाद में दमकल कर्मियों ने पहुंचते ही पाइप लाइन बिछाकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया. करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया.
आग किन कारणों से लगी, इसका अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है. पुलिस और फायर विभाग मामले की जांच में जुटे हैं. बताया जा रहा है कि लोनी थाना का हाल ही में रिनोवेशन किया गया था और इसे आदर्श थाने के रूप में विकसित किया गया था. ऐसे में थाने के भीतर इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं. गनीमत रही कि आग केवल जप्त वाहनों तक सीमित रही. अगर यह आग थाने के मुख्य भवन या आसपास के रिहायशी/कमर्शियल इलाके तक पहुंचती, तो बड़ा नुकसान हो सकता था.