उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के विस्तार के बाद अब योगी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने पर जोर दे रही है। प्रदेश के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों में करीब 1,606.83 करोड़ रुपये की 65 परियोजनाएं शिलान्यास और लोकार्पण के लिए तैयार हैं। इनमें 1,400.70 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं का शिलान्यास और 206.13 करोड़ रुपये की 21 तैयार परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाना है।
इन परियोजनाओं का फोकस सिर्फ नए भवन बनाने तक सीमित नहीं है। मेडिकल कॉलेजों में बढ़ी सीटों के हिसाब से छात्रावास, लेक्चर थिएटर और परीक्षा भवन बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही नर्सिंग कॉलेज, ट्रॉमा सेंटर, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र, संक्रामक रोग अस्पताल, ट्रांसप्लांट यूनिट, सीवरेज और जलापूर्ति जैसी सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।
इन परियोजनाओं में सबसे बड़ी योजना लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की है। गोमतीनगर विस्तार स्थित नए परिसर में बेसमेंट के ऊपर 1,010 बेड वाले अस्पताल भवन का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना पर करीब 855.04 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में करीब 43.68 करोड़ रुपये की लागत से बहुमंजिला रोगी सहायक आधुनिक कैंटीन बनाने की योजना है। कानपुर मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालों में नया जनरेटर लगाने के साथ करीब 49.40 करोड़ रुपये की लागत से नया संक्रामक रोग अस्पताल भी तैयार किया जाएगा।
मेरठ मेडिकल कॉलेज में इलाज से लेकर कैंपस सुविधाओं तक कई बड़े काम किए जाएंगे। यहां मौजूदा लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर को 100 बेड के लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर में बदला जाएगा। इस पर करीब 48.15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा बाल रोग विभाग में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH) सेंटर बनाने पर करीब 34.82 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कॉलेज में सीवरेज सिस्टम, महिला और पुरुष पीजी हॉस्टल, जलापूर्ति व्यवस्था, 10 एमएलडी एसटीपी और बिजली से जुड़ी सुविधाओं को भी मजबूत किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ने के साथ छात्रों के लिए जरूरी सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। झांसी मेडिकल कॉलेज में बढ़ी MBBS सीटों को देखते हुए लेक्चर थिएटर, वातानुकूलित पुस्तकालय, कॉन्फ्रेंस हॉल, कैफेटेरिया और परीक्षा हॉल वाला बहुमंजिला भवन बनाया जाएगा। इस परियोजना की लागत करीब 28.44 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 272 बेड के यूजी गर्ल्स हॉस्टल के निर्माण पर करीब 26.89 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एटा में छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल और अन्य सुविधाओं का विकास होगा। कुशीनगर में 100 बेड का गर्ल्स हॉस्टल, 100 बेड का बॉयज हॉस्टल और एसटीपी बनाई जाएगी।
अयोध्या मेडिकल कॉलेज में 100 बेड का इंटर्नशिप हॉस्टल, 100 बेड का बॉयज हॉस्टल और 100 बेड का यूजी गर्ल्स हॉस्टल समेत कई निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं। योगी सरकार मेडिकल एजुकेशन के साथ नर्सिंग शिक्षा को भी मजबूत करने पर जोर दे रही है। शिलान्यास के लिए तैयार परियोजनाओं में गोंडा मेडिकल कॉलेज में करीब 9.93 करोड़ रुपये की लागत से नर्सिंग कॉलेज की स्थापना शामिल है।
वहीं, लोकार्पण के लिए तैयार परियोजनाओं में बहराइच, अयोध्या और हरदोई के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में नर्सिंग कॉलेज शामिल हैं। सहारनपुर मेडिकल कॉलेज में करीब 20.82 करोड़ रुपये की लागत से 60 सीट वाला BSc नर्सिंग कॉलेज और ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भी करीब 20.82 करोड़ रुपये की लागत से कॉलेज ऑफ नर्सिंग तैयार किया जा रहा है।
जौनपुर मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों के लिए आवास, अलग-अलग श्रेणी के सरकारी आवास, 200-200 क्षमता वाले दो लेक्चर हॉल, इंटर्न पुरुष छात्रावास, फैकल्टी पार्किंग, फायर फाइटिंग सिस्टम और गेस्ट हाउस समेत कई सुविधाओं का विकास किया जाएगा। वहीं, मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में MBBS छात्रों के लिए 160 बेड और छात्राओं के लिए 140 बेड वाले हॉस्टल बनाए जाएंगे। इसके अलावा चार लेक्चर हॉल में ध्वनिरोधक निर्माण कार्य भी प्रस्तावित है।
बस्ती के ओपेक चिकित्सालय कैली में क्लीनिकल ब्लॉक का निर्माण होगा। वहीं अस्पताल परिसर में गेस्ट हाउस, बैंक, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और शवगृह जैसे भवनों की परियोजनाएं लोकार्पण के लिए तैयार हैं। शाहजहांपुर में इमरजेंसी विभाग के जीर्णोद्धार और नर्सिंग कॉलेज से जुड़े काम भी शामिल हैं।सरकार की योजना में उन परियोजनाओं को जल्द जनता और मेडिकल छात्रों के लिए उपलब्ध कराना भी शामिल है, जिनका निर्माण पूरा हो चुका है। 206.13 करोड़ रुपये की 21 परियोजनाएं लोकार्पण के लिए तैयार हैं।
कानपुर मेडिकल कॉलेज में बढ़ी UG सीटों के अनुसार मेडिकल रिकॉर्ड सेक्शन और UG बॉयज हॉस्टल का विस्तार किया गया है। मानसिक रोग विभाग में MD साइकियाट्री पाठ्यक्रम के लिए विभाग का विस्तार और डी-एडिक्शन वार्ड ब्लॉक भी तैयार है। मेरठ मेडिकल कॉलेज में 100 बेड के गर्ल्स हॉस्टल, 100 बेड के बॉयज हॉस्टल, 100 बेड के इंटर्न हॉस्टल, परीक्षा भवन के विस्तार और लेक्चर थिएटर जैसी परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में बहुमंजिला डबल सीटेड गर्ल्स हॉस्टल भी लोकार्पण के लिए तैयार है।
सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को बढ़ाने की दिशा में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की परियोजना अहम है। संस्थान के मुख्य चिकित्सा भवन की छठी और सातवीं मंजिल पर किडनी, लिवर और बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट स्थापित की जा रही है। इस परियोजना की लागत करीब 18.22 करोड़ रुपये है। इसके अलावा संस्थान के 200 बेड वाले राम प्रकाश गुप्ता मेमोरियल मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में रेडियोलॉजिकल ब्लॉक के पास 100 मरीजों की क्षमता वाला वेटिंग हॉल भी तैयार किया गया है।
योगी सरकार का फोकस अब सिर्फ मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि वहां इलाज, पढ़ाई और मरीजों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी है। 65 परियोजनाओं के जरिए बड़े अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र और ट्रांसप्लांट यूनिट से लेकर नर्सिंग कॉलेज, हॉस्टल, लेक्चर थिएटर, परीक्षा भवन, चिकित्सक आवास, जलापूर्ति, सीवरेज और फायर सेफ्टी जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश के मेडिकल संस्थानों की क्षमता बढ़ेगी और मरीजों के साथ-साथ मेडिकल छात्रों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।