मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। कैबिनेट ने 41 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं और प्रस्तावों को मंजूरी दी। कैबिनेट ने ग्रामीण विकास के लिए ‘विकसित भारत: VB-G RAM G’ योजना को मंजूरी दी। यह योजना पहले मनरेगा के नाम से जानी जाती थी। इसे 1 जुलाई 2026 से लागू किया जाएगा।
योजना पर कुल करीब 29,619 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 3,183 करोड़ रुपये और 2026-27 से 2030-31 तक आगे जारी रखने के लिए 26,436 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कैबिनेट ने 35.61 किलोमीटर लंबे वेस्टर्न भोपाल बाईपास के लिए संशोधित मंजूरी दी है। इसे चार लेन का बनाया जाएगा और सड़क के दोनों तरफ पक्के शोल्डर होंगे। इस परियोजना पर करीब 3,225.51 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा जमीन अधिग्रहण और निर्माण शुरू होने से पहले के दूसरे कामों के लिए 548.29 करोड़ रुपये राज्य सरकार के बजट से दिए जाएंगे।
कैबिनेट ने मेहलुआ-बिना-खिमलासा-मालथौन सड़क को भी चार लेन में बनाने की मंजूरी दी है। इसकी लंबाई 67.116 किलोमीटर होगी। परियोजना पर करीब 2,776.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जमीन अधिग्रहण और अन्य शुरुआती कामों के लिए 428.94 करोड़ रुपये और निगरानी के लिए 65.77 करोड़ रुपये राज्य बजट से दिए जाएंगे।
उच्च और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में तीन अलग-अलग टेक्नोलॉजी और स्किल यूनिवर्सिटी बनाई जाएंगी।
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भोपाल में मध्य भारत टेक्नोलॉजी एंड स्किल यूनिवर्सिटी
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उज्जैन में मालवा टेक्नोलॉजी एंड स्किल यूनिवर्सिटी
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जबलपुर में महाकौशल टेक्नोलॉजी एंड स्किल यूनिवर्सिटी
कैबिनेट ने नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के साथ मिलकर 2,973 करोड़ रुपये की डेयरी विकास योजना को भी मंजूरी दी। इसका उद्देश्य सहकारी डेयरी व्यवस्था को मजबूत करना और मध्य प्रदेश के ‘सांची’ ब्रांड को और बेहतर बनाना है। स्वास्थ्य क्षेत्र में अस्पतालों की मशीनों और उपकरणों की मरम्मत और रखरखाव के लिए 488.41 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यह राशि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक खर्च की जाएगी।
इसके अलावा मेडिकल संस्थानों की अन्य संपत्तियों के रखरखाव के लिए 915.77 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें मॉड्यूलर किचन, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और दूसरी सुविधाओं की मरम्मत शामिल है। कैबिनेट ने नए बने जिलों मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग कल्याण विभाग के जिला कार्यालय चलाने के लिए 21 पद बनाने को मंजूरी दी है। वहीं निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला आयुष कार्यालयों के लिए 20 पद बनाए जाएंगे।
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री के फैसले को भी मंजूरी दी, जिसके तहत समर्थन मूल्य योजना में पंजीकृत किसानों से गर्मी की मूंग खरीद की सीमा बढ़ाई गई है। अब किसानों की कुल उपज का 25 प्रतिशत के बजाय 60 प्रतिशत तक मूंग खरीदी जा सकेगी। यह बदलाव 2026 के मार्केटिंग सीजन के लिए किया गया है।