संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 को लेकर बड़ा बदलाव किया है. अब पहली बार सिविल सेवा प्रिलिम्स परीक्षा के तुरंत बाद प्रोविजनल आंसर-की जारी की जाएगी. यह फैसला पारदर्शिता बढ़ाने और अभ्यर्थियों को समय रहते अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का मौका देने के लिए लिया गया है. पहले आयोग फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद ही आंसर-की सार्वजनिक करता था, जिससे छात्रों को अपने प्रदर्शन का सही अंदाजा नहीं लग पाता था. नई व्यवस्था से उम्मीदवार परीक्षा के तुरंत बाद अपने आंसर्स का मिलान कर सकेंगे और आगे की तैयारी को लेकर बेहतर निर्णय ले पाएंगे.
यूपीएससी सिविल सेवा प्रिलिम्स परीक्षा 2026 का आयोजन 24 मई 2026 को किया जाएगा. आयोग ने बताया कि परीक्षा के बाद प्रोविजनल आंसर-की जारी की जाएगी ताकि उम्मीदवार अपने आंसर्स की जांच कर सकें. लंबे समय से अभ्यर्थी इस बदलाव की मांग कर रहे थे. उनका कहना था कि परीक्षा में किसी क्वेशचन या आंसर को लेकर आपत्ति दर्ज कराने का कोई प्रभावी तरीका नहीं था.
नई व्यवस्था लागू होने के बाद उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे. आयोग के अनुसार अभ्यर्थी 31 मई 2026 शाम 6 बजे तक ऑनलाइन क्वेश्चन पेपर रिप्रेजेंटेशन पोर्टल (QPRep) के जरिए शिकायत या सुझाव भेज सकेंगे. यह सुविधा यूपीएससी के ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी.
हर साल करीब 5 लाख से अधिक उम्मीदवार यूपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन केवल 12 से 15 हजार अभ्यर्थी ही मुख्य परीक्षा तक पहुंच पाते हैं. पहले छात्रों को यह समझ नहीं आता था कि उन्हें मेंस परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए या अगले साल की प्रीलिम्स पर ध्यान देना चाहिए. अब प्रिलिम्स आंसर-की जारी होने से उन्हें अपनी स्थिति का अंदाजा जल्दी लग सकेगा. यूपीएससी अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि यह कदम परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सहभागी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने कहा कि आयोग निष्पक्ष और योग्यता आधारित चयन प्रक्रिया को बनाए रखते हुए अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत करना चाहता है.