महाराष्ट्र के नागपुर के महल क्षेत्र में सोमवार को औरंगजेब की कब्र को लेकर भड़की हिंसा के बाद शहर में तनाव की स्थिति बनी हुई है. इसको देखते हुए नागपुर के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. वहीं तनाव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने शहर के कई स्कूलों में आज छुट्टी का ऐलान किया है. हालांकि, हिंसा न बढ़े, इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, सहित विपक्ष के नेताओं ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. लेकिन विपक्ष ने नागपुर में भड़की हिंसा को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लिया है.
शिवसेना (UBT) प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि राज्य सरकार का कर्तव्य है कि वह कानून व्यवस्था बनाए रखे. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नागपुर में दो गुटों के बीच झगड़े के बाद पथराव और आगजनी की घटनाएं हुई हैं. कई गाड़ियों में आग लगा दी गई, पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया गया और दमकल की गाड़ियों पर भी पथराव किया गया. यह घटनाएं नागपुर की शांति और सामाजिक सौहार्द्र को प्रभावित कर सकती हैं.
एनसीपी शरद गुट के नेता अनिल देशमुख ने भी इस हिंसा को लेकर अपनी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि नागपुर शहर में हो रही दंगे जैसी घटनाओं ने शहर में तनाव का माहौल बना दिया है. यह नागपुर की संस्कृति नहीं है. ऐसी घटनाएं शांति और स्थिरता को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए हमें संयम बनाए रखना चाहिए. अमरावती जिले की कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर ने भी शांति की अपील की है. ठाकुर ने कहा, "नागपुर में जो भी हुआ, वह निंदनीय है. ये सब रुकना चाहिए और सभी को अच्छे से रहना चाहिए.