Gujarat: गुजरात के अहमदाबाद निवासी श्रीकांत सोमचंद भावसर की जमीन का विवाद करीब 40 सालों से उलझा हुआ था। कोई हल नजर नहीं आ रहा था। अब स्वागत पोर्टल श्रीकांत के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया। इस पोर्टल पर शिकायत करने के बाद समस्या के समाधान पर काम तेजी से शुरू हो गया है।
कुछ ऐसी ही समस्या नवसारी निवासी मंजीत सिंह की भी थी। मंजीत की जमीन का मामला भी कई दिनों से सुलझ नहीं रहा था, लेकिन जब उन्हें स्वागत ऐप के बारे में पता चला तो उन्होंने इसे डाउनलोड करके इस पर अपनी समस्या बताई, तो 48 दिनों के अंदर ही उस समस्या का निराकरण हो गया।
प्रदेश के ऐसे लाखों नागरिकों की समस्याओं का समाधान स्वागत पोर्टल के जरिए चुटकियों में हो रहा है। 2003 में इस पोर्टल की शुरुआत के बाद से अब तक स्वागत पोर्टल के जरिए 8,08,883 शिकायतों का सफलातपूर्वक समाधान किया गया। राइट टू सीएम के जरिए नवंबर 2021 से मई 2024 के बीच 24,917 शिकायतें आईं, जिनमें से मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की ओर से 20,111 मामलों का निपटारा किया गया। जबकि जून 2024 से मई 2025 के बीच 8,133 शिकायतें मिली, जिनमें से प्राथमिकता के साथ मुख्मयंत्री ने 7,561 मामलों को निपटाया। बाकी पेंडिंग शिकायतों को निपटाने के लिए तेजी से प्रक्रिया जारी है। 'स्वागत' सिस्टम एक व्यवस्थित संरचना के तहत संचालित होता है, जिसमें प्रदेश स्तर पर खुद मुख्यमंत्री सुनवाई करते हैं, जिला स्तर पर कलेक्टर शिकायत सुनते हैं, तो तालुका स्तर पर एसडीएम मामलों की सुनवाई करते हैं।
स्वागत प्रणाली ने प्रदेश में नागरिक और सरकार के संपर्क को और मजबूत किया है। सभी स्तरों पर उच्च समाधान दर विभिन्न प्रशासनिक स्तरों के लिए प्रभावी समन्वय और डिजिटल समाधान से लोगों का भरोसा बढ़ा है।