केरल के एर्नाकुलम जिले का कीझमाड़ गांव अब राज्य का पहला आधिकारिक तंबाकू-मुक्त गांव बन गया है। केंद्र सरकार की ओर से तय मानकों पर खरा उतरने के बाद गांव को यह दर्जा दिया गया है। तंबाकू-मुक्त गांवों के लिए तय 150 अंकों में कीझमाड़ को 144 अंक मिले हैं।
नौ महीने चला तंबाकू-मुक्त अभियान
कीझमाड़ को तंबाकू-मुक्त बनाने के लिए करीब नौ महीने तक अभियान चलाया गया। इसमें ग्राम पंचायत, स्वास्थ्य विभाग और कई स्थानीय संगठनों ने मिलकर काम किया। अभियान के तहत गांव में तंबाकू के इस्तेमाल को रोकने और लोगों को इसके नुकसान के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया गया। स्कूलों को भी इस अभियान का हिस्सा बनाया गया।
स्कूलों में बच्चों के बीच भी हुई जांच
स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्कूलों में छात्रों के बीच तंबाकू के इस्तेमाल को लेकर जांच की। इसके साथ ही बच्चों को तंबाकू से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया गया।
गांव में तंबाकू उत्पादों की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक को प्रभावी बनाने के लिए आबकारी विभाग के साथ मिलकर संयुक्त जांच अभियान भी चलाया गया। इस दौरान प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों को जब्त कर नष्ट किया गया।
लगातार दो साल मिल चुका है टीबी-मुक्त गांव का पुरस्कार
कीझमाड़ गांव को इससे पहले लगातार दो साल तक टीबी-मुक्त गांव का पुरस्कार भी मिल चुका है। तंबाकू-मुक्त गांव का दर्जा मिलने के बाद गांव ने स्वास्थ्य और जागरूकता के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल की है।